“शाम 4 बजे का वक्त था। सूरज ढलने को था। एक जोरदार धड़ाम की आवाज आई। डिब्बे में चीखें गूंज रही थी। बोगी के अंदर खून से सने बच्चे थे, माताएं तड़प रहीं थीं। किसी के पेट से खून बह रहा था, किसी का सिर फट गया था, किसी का पैर, तो किसी का हाथ टूट चुका था। किसी का चेहरा पिचक गया था। बोगी से खून रिस-रिसकर गिर रहा था।” ये बातें लाल खदान निवासी विजय सूर्यवंशी, प्रत्यक्षदर्शी सत्येंद्र भास्कर और ढेका पंचायत के सरपंच मनीष घोरे ने भास्कर डिजिटल के साथ साझा कीं। सूर्यवंशी ने बताया पटरी खून से लहूलुहान थी, जो जिंदा बचे थे, वह बोगी से कूदकर भाग रहे थे। मदद की गुहार लगा रहे थे। खून से सीटें सन गई थीं। हमने लोगों को निकालने में मदद की। विजय बताते हैं किसी ने पानी दिया, तो किसी ने किसी को थामा। पूरा मंजर ऐसा था कि सांस लेना भी मुश्किल लग रहा था। हर तरफ सिर्फ सिसकियां और लोग बिखरे पड़े थे। मैंने जिंदगी की सबसे दर्दनाक तस्वीर देखी। पढ़िए इस रिपोर्ट में और क्या, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा, 20 फोटोज में बताएंगे, ट्रेन हादसे की दर्द भरा मंजर… अब जानिए कैसे हुआ हादसा ? दरअसल, तेज रफ्तार कोरबा पैसेंजर ट्रेन कोरबा से बिलासपुर जा रही थी। करीब 77 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी। बिलासपुर पहुंचने के लिए 8 किलोमीटर तय करना बाकी था। 4 बजे के आसपास कोरबा पैसेंजर ट्रेन गतौरा रेलवे स्टेशन के लाल खदान के पहुंची। इसी बीच जिस रूट से पैसेंजर ट्रेन गुजरने वाली थी, उसी रूट पर सामने एक मालगाड़ी खड़ी थी। तेज रफ्तार से बिलासपुर की ओर बढ़ रही पैसेंजर ट्रेन ने टक्कर मार दी। हादसा इतना भयंकर था कि पैसेंजर ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। इस दौरान हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 लोग घायल हैं। इनमें 5 लोग बिलासपुर के रहने वाले हैं, जबकि बाकी यात्री रायपुर-भिलाई और जांजगीर-चांपा के रहने वाले हैं। हादसे में सभी 11 मृतक और घायलों की पहचान हो गई है, जो बिलासपुर जिले के साथ ही सक्ती जिले के रहने वाले हैं। रेलवे के मुताबिक 5 घायलों को सिम्स अस्पताल, 2 लोगों को अपोलो हॉस्पिटल और बाकी 6 लोगों को रेलवे अस्पताल के साथ ही प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई लोगों की हालत गंभीर है।हालांकि इनके अलावा कई लोगों को छुट्टी मिल चुकी है। अब पढ़िए प्रत्यक्षदर्शी और लोगों की जान बचाने में जुटे लोगों से हादसे की कहानी, उन्हीं के जुबानी… जयराम नगर के परसदा गांव के सत्येंद्र भास्कर ने बताया कि वो इंजन के ठीक पीछे वाली डिब्बे में बैठे थे, जो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। अचानक जोरदार धमाके की आवाज आई और बोगी में जोर से झटका लगा, जिससे डिब्बा हिल गया। सामने का हिस्सा और एंगल अंदर तरफ घुस गया था। सत्येंद्र ने बताया कि बोगी के अंदर भयावह मंजर था। लोग चीख-पुकार मचा रहे थे। कई लोग बेहोशी की हालत में खून से लथपथ पड़े थे। वहीं, कुछ लोग सीट और एंगल से चिपक गए थे। सभी मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। अब 20 फोटोज में देखिए बिलासपुर ट्रेन हादसे की पूरी कहानी …………………………………………….. बिलासपुर ट्रेन हादसा…11 यात्रियों की मौत, 20 घायल: गेवरा मेमू मालगाड़ी से टकराई, बोगी काटकर शव-घायलों को निकाला, मृतकों में बिलासपुर के लोग ज्यादा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए भीषण ट्रेन हादसे में अब तक 11 यात्रियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार तक यह आंकड़ा 8 था। वहीं 20 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों में बिलासपुर के लोग ज्यादा हैं। हादसा मंगलवार को उस समय हुआ, जब गेवरा मेमू लोकल ट्रेन बिलासपुर स्टेशन के आउटर पर अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान सामने मालगाड़ी खड़ी थी और दोनों ट्रेनों में टक्कर हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
