करीब चार साल पूर्व समीर का बर्ताव बदलने लगा। उसने पहनावा भी बदला और नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जाने लगा। उसी वक्त पता चला कि समीर का असली नाम समीर मीर है और वह मुसलमान है। सच्चाई उजागर होने पर समीर ने पीड़िता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसने कहा कि तुमको भी बुर्का पहनना पड़ेगा। मंदिर में रखी मूर्तियां भी फेंक दीं।
