खूबसूरत और ऐ दिल है मुश्किल जैसी बेहतरीन बॉलीवुड फिल्मों में नजर आ चुके पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान फिल्म अबीर गुलाल से बॉलीवुड कमबैक करने वाले थे। उनकी ये फिल्म 9 मई को रिलीज होने वाली थी, लेकिन 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों पर पूर्णतः रोक लगा दी गई, जिससे फिल्म का जमकर विरोध हुआ था और मेकर्स को रिलीज रोकनी पड़ी थी। अब लंबे विवाद के बाद फिल्म अबीर गुलाल 29 अगस्त को वर्ल्डवाइड रिलीज हो रही है, हालांकि ये फिल्म बैन के चलते भारत में रिलीज नहीं होगी। फिल्म अबीर गुलाल की रिलीज डेट आते ही AIWCA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर इसके खिलाफ सख्त एक्शन लिए जाने की मांग की है। साथ ही एसोसिएशन ने इसे देशद्रोह बताते हुए एक्ट्रेस वाणी कपूर और फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर की नागरिकता रद्द किए जाने की भी मांग की है। लेटर में लिखा गया है- AICWA फिल्म अबीर गुलाल के प्रोड्यूसर, एक्ट्रेस वाणी कपूर और डायरेक्टर आरसी एस बागदी पर इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में काम करने से पूरी तरह बैन लगाता है। यह निर्णायक कदम राष्ट्रहित में उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जो लोग राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ सहयोग करना चुनते हैं, उनका हमारे देश के कल्चरल इकोसिस्टम में कोई स्थान न हो। यह गहरी शर्म की बात है कि भारतीय नागरिक, जो हमारी सशस्त्र सेनाओं के अनगिनत बलिदानों से पूरी तरह अवगत हैं, खुलेआम एक पाकिस्तानी नागरिक के साथ सहयोग कर रहे हैं, जो एक आतंकी देश से है। यह फैसला हमारे शहीदों की याद का अपमान है, जिनमें पुलवामा (2019), 26/11 मुंबई हमले, पहलगाम आतंकी हमला और कई अन्य घटनाएं शामिल हैं, जहां पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने बहादुर सैनिकों और मासूम नागरिकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, की जान ली। आगे लिखा गया है- क्या अबीर गुलाल के प्रोड्यूसर, एक्ट्रेस वाणी कपूर और उनकी पूरी टीम यह भूल गई है कि पाकिस्तान ने हजारों भारतीय बच्चों को अनाथ और अनगिनत महिलाओं को विधवा बना दिया है, उनके प्रियजनों की बेरहमी से हत्या करके? क्या वे यह भूल गए कि पहलगाम के बाद, हमारे देश को युद्ध जैसी स्थिति में धकेल दिया गया, राजनयिक विशेषाधिकार रद्द कर दिए गए और पाकिस्तान से सांस्कृतिक संबंध तोड़ दिए गए थे? फिर भी इन प्रोड्यूसर्स और एक्ट्रेस ने पैसों की लालच में हमारे शहीदों के खून को नजरअंदाज करने का रास्ता चुना है? यह कला नहीं है, यह व्यावसायिक देशद्रोह है। इस सहयोग से कमाया गया हर रुपया खूनी पैसा है, जो अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की आतंकी मशीनरी को फंड करेगा, जिसका इस्तेमाल हमारे सैनिकों और नागरिकों को मारने के लिए हथियार खरीदने में किया जाएगा। यह युद्ध के दौरान दुश्मन की मदद करने से कोई अलग नहीं है। यदि बातचीत और आतंक साथ नहीं रह सकते, तो कला और आतंक को कभी भी साथ खड़े होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। निर्माता एक खतरनाक ट्रेंड का पालन कर रहे हैं, जैसा कि सरदार जी 3 टीम (दिलजीत दोसांझ के नेतृत्व में) ने किया था, जिन्होंने अपनी फिल्म पाकिस्तान में रिलीज की और वहां अपनाई गई, लेकिन देशभक्त भारतीयों द्वारा अस्वीकृत की गई। ऐसे कदम एक खतरनाक उदाहरण पेश करते हैं, जहां भारतीय फिल्म निर्माता घरेलू रिलीज प्रतिबंधों से बचकर पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम करते हैं और फिर उन बाजारों से मुनाफा कमाते हैं जो भारत के खिलाफ आतंकवाद को सक्रिय रूप से फंड करते हैं। विवादों और बैन के चलते फिल्म की लीड एक्ट्रेस वाणी कपूर ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से फिल्म से जुड़ा सारा कंटेंट हटा दिया है। इसके अलावा उन्होंने नई रिलीज डेट अनाउंस करने से भी परहेज किया है। अबीर गुलाल ने अपनाई दिलीज दोसांझ की रणनीति फिल्म अबीर गुलाल की ही तरह दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी 3 भी विवादों में थी, क्योंकि इसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर लीड रोल निभा रही थीं। भारत में बैन लगने के बाद दिलजीत दोसांझ की फिल्म के मेकर्स ने भी फिल्म को भारत में रिलीज करने की बजाय इसे ओवरसीज रिलीज किया था। इसके बाद फिल्म फेडरेशन ने दिलजीत दोसांझ को भारत में बैन करने की और उनका पासपोर्ट रद्द करने की मांग की थी। कई विरोध के बावजूद फिल्म 27 जून को रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। महज 15 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने ओवरसीज 150 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया था। ये विदेशों में सबसे ज्यादा कमाने वाली पंजाबी फिल्म बन चुकी है। इस फिल्म ने दिलजीत की फिल्म जट एंड जूलियट का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
