भोपाल की वायु गुणवत्ता लगातार गिरते स्तर पर पहुंच रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 1 से 14 नवंबर 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि शहर में कई बार हवा ‘अति खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। टीटी नगर और पर्यावरण परिसर सबसे प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। धूल नियंत्रण और पानी छिड़काव जैसे उपाय सीमित होकर केवल सेंसर लगे क्षेत्रों तक ही सीमित रह गए हैं।
