भोपाल में लगे इन बॉयो-टायलेट्स की खासियत यह है कि इनकी स्मार्ट सेंसर प्रणाली और बॉयो-डाइजेस्टर टैंक था, जिसे सीवेज लाइन की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अब बोट क्लब जैसे पर्यटन स्थलों पर ये टायलेट्स अंधेरे और गंदगी के टापू बन गए हैं। सेंसर गायब हैं, दरवाजे खुले और टूटे रहते हैं और पानी का कनेक्शन तक काट दिया गया है।
