शहर के बीचोंबीच स्थित 100 से अधिक आरा मशीनों को बाहर करने की कवायद करीब 48 साल से चली आ रही है। जिनको लेकर परवलिया सड़क इलाके के छोटा रातीबड़ में जमीन तय हो गई है लेकिन यहां पर बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत सुविधाएं अधूरी हैं। यही कारण है कि मशीनों की शिफ्टिंग में देरी हो रही है।
