देश की बिजली वितरण कंपनियों ने भले ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में पहली बार मुनाफा कमाया हो, लेकिन मध्य प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां अब भी कर्ज के बोझ में दबी हुई हैं। मध्य प्रदेश की डिस्काम पर 31 मार्च 2025 तक 49,239 करोड़ रुपए का कर्ज है, जबकि राज्य में 71,394 करोड़ रुपए का संचयी घाटा दर्ज किया गया है।
