इस मामले में अभी तक नौ जिलों में 32 एफआईआर पंजीबद्ध की गई हैं, 46 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें अभ्यर्थी, साल्वर और कियोस्क संचालक शामिल हैं। आशंका है कि अन्य राज्यों की दूसरी परीक्षाओं में भी इस तरह फर्जीवाड़ा हुआ हो, इस कारण साइबर धोखाधड़ी की दृष्टि से जांच महत्वपूर्ण है।
