‘महिला का फोटो खींचना अपराध नहीं’, MP हाईकोर्ट ने एडवोकेट पर दर्ज FIR निरस्त की

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MP हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में निजता और आपराधिक मंशा के बीच स्पष्ट अंतर रेखांकित किया है। जबलपुर सिंगल बेंच ने यह साफ किया कि बिना किसी आपत्तिजनक इरादे के फोटो खींचना अपराध की श्रेणी में नहीं आता। इसी आधार पर कोर्ट ने रीवा निवासी अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को निरस्त कर दिया। यह आदेश व्यक्तिगत प्रतिशोध और पेशेगत शत्रुता से जुड़े मामलों में अहम नजीर माना।

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