मोन्था तूफान का छत्तीसगढ़ में असर…27 जिलों में अलर्ट:रायपुर सहित कई जिलों में बादल छाए, तेज हवा चल रही; गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी

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छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘मोन्था’ का असर देखने को मिल रहा है। रायपुर सहित कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और सुबह से तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने आज भी 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर, बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम और मुंगेली। यलो अलर्ट वाले जिले
रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलौदा बाजार, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा। इन जिलों में बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को अंबिकापुर और रायगढ़ में दोपहर के समय जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट और ठंड का असर भी दिख रहा है। बेमौसम बारिश से धान की फसल को नुकसान होने की संभावना है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30.2°C (दुर्ग) और न्यूनतम तापमान 19.2°C (पेंड्रा) रिकॉर्ड किया गया। बस्तर में 50-60 किमी की रफ्तार से चलेगी हवा बस्तर संभाग के जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जिलों में यह प्रभाव ज्यादा रहेगा। वहीं कल यानी 30 अक्टूबर को बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों के कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के जिलों में 50 से 60 किलों मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। अक्टूबर में अब तक 59 फीसदी ज्यादा बारिश छत्तीसगढ़ से मानसून 15 अक्टूबर तक लौट गया। मानसून सीजन 30 सितंबर को ही खत्म माना जाता है। इसलिए अक्टूबर में होने वाली बारिश को मौसम विभाग सालाना वर्षा के रूप में रिकॉर्ड करता है। इस साल अब तक 1 से 26 अक्टूबर तक 89.4 मिमी पानी गिर चुका है। 26 दिन की औसत वर्षा 56.2 मिमी है। यानी औसत से 59 फीसदी ज्यादा पानी अब तक गिर चुका है। बारिश का फसलों पर पड़ेगा असर अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश और तेज हवा का असर फसलों पर पड़ेगा। खेतों में खड़ी फसल तेज हवा और बारिश के कारण खराब हो सकती है। जिन किसानों की फसल की कटाई हो चुकी है और उन्हें सुरक्षित भंडारण नहीं किया होगा तो फसल के भी भीगने की आशंका है। कृषि मौसम विभाग ने इस संबंध में किसानों को फसलों को बारिश से बचाने की सलाह दी।

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