उम्र मात्र एक संख्या है, और इसका जीता-जागता उदाहरण हैं बेलखरनाथ धाम के पास खूंझीकल गांव की 102 वर्षीय दादी शांति देवी। कभी स्कूल न गईं, लेकिन आज डिजिटल दुनिया की ‘गुरु’ बन चुकी हैं। उनके अनुभव, सादगी और ठेठ अवधी में कही गई जीवन की बातें आज लाखों दिलों को छू रही हैं।
