यूपी में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर FIR:योगी के आदेश पर इंस्पेक्टर ने कराई; मायावती बोलीं- यह ब्राह्मण समाज का अपमान

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यूपी में मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के नाम को लेकर विरोध शुरू हो गया है। लखनऊ में फिल्म के डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। शिकायत सीएम के निर्देश पर खुद हजरतगंज कोतवाली में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने कराई है। पुलिस का कहना है कि फिल्म का नाम और इसकी कहानी एक खास जाति और समुदाय, खासकर ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाती है। इससे लोगों में नाराजगी फैल सकती है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा है। इधर, मायावती ने इसे ब्राह्मणों का अपमान बताया। केंद्र सरकार से फिल्म को बैन करने की मांग की। इससे पहले, मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। कहा- फिल्म का टाइटल समाज को ‘घूसखोर’ दिखा रहा है, जो अत्यंत आपत्तिजनक है। प्रयागराज के संतों ने भी फिल्म को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। श्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य जी महाराज ने कहा कि बॉलीवुड का रवैया दोहरा है। एक खास वर्ग को बार-बार टारगेट कर ऐसी फिल्में बनाई जाती हैं, जिससे समाज को बांटने का काम होता है। वहीं, अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ जैसी फिल्में सनातन परंपरा और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने फिल्म को तत्काल बैन करने की मांग की है। इस बीच फिल्म के डायरेक्टर नीरज पांडेय ने ऑफिशियल बयान जारी किया। कहा- फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है। हम उन भावनाओं को समझते हैं। इसलिए हमने फिलहाल सभी प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया है। फिल्म के बारे में जानिए इस भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए- फिल्म को लेकर यूपी में हो रहे विरोध से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

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