केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार शाम रायपुर पहुंच चुके है। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। बता दें कि शाह का 2 महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह आज रायपुर के मेफेयर होटल में नक्सलवाद पर बैठक लेंगे। इस दौरान वे इंटेलिजेंस इनपुट्स की समीक्षा करेंगे और छत्तीसगढ़ के प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चर्चा भी करेंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सली खात्मे की डेडलाइन को 52 दिन बचे है। ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है। इस समयसीमा का ऐलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रही है। इस डेडलाइन में अब करीब 52 दिन का ही समय बाकी है। अमित शाह बस्तर में पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में पहुंचे थे। मीटिंग के बाद ऑपरेशन होंगे तेज राज्य स्तर पर अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही तैयारियों में जुटी हैं। रायपुर में प्रस्तावित बैठक को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और ज्यादा तेज किए जा सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले आखिरी रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। जिसका असर आने वाले महीनों में जमीनी हालात पर साफ दिख सकता है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शाह बोले-नक्सलियों से चर्चा नहीं, हथियार डालना ही ऑप्शन:जगदलपुर में कहा- 31 मार्च तक देश से मिटा देंगे नक्सलवाद, मुरिया दरबार की रस्म निभाई जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा। दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और एक माह में 500 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
