रिटायर्ड जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उपराष्ट्रपति कैंडिडेट:40 सालों तक कानूनी पेशे से जुड़े, गोवा के पहले लोकायुक्त रहे, जानें कंप्लीट प्रोफाइल

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विपक्ष I.N.D.I.A. अलायंस ने मंगलवार, 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना कैंडिडेट घोषित किया। ये घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। इनका मुकाबला NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा। जस्टिस रेड्डी का जन्म आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) के रंगारेड्डी जिले के अकुला मैलाराम गांव (कंदुकुर मंडल) के किसान परिवार में हुआ। जस्टिस रेड्डी साल 1971 में लॉ ग्रेजुएट होने के साथ ही आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में रजिस्टर्ड हुए। इसी साल से उन्होंने हैदराबाद के सिविल कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। फिर वे आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में वकालत करने लगे। शुरुआती दौर में सीनियर एडवोकेट के. प्रताप रेड्डी के चेंबर में शामिल हुए। अपने प्रैक्टिस के दौरान उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, कॉन्स्टिट्यूशनल, टैक्सेशन और रिट मामलों की एक्सपर्टीज हासिल की। उस्मानिया यूनिवर्सिटी के लीगल एडवाइजर बने इस दौरान 1988 से 1990 तक आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में गवर्नमेंट प्लीडर यानी सरकारी अधिवक्ता (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) के रूप में काम किया। फिर 1990 में सेंट्रल गवर्नमेंट के लिए एडिशनल स्टैंडिंग काउंसल यानी अतिरिक्त स्थाई वकील बने। इस दौरान वे जिस यूनिवर्सिटी में कभी स्टूडेंट रहे, उसका लीगल एडवाइजर बने। उन्हें साल 1993 में ही उस्मानिया यूनिवर्सिटी का लीगल एडवाइजर बनाया गया। 18 सालों का रहा ज्यूडिशियल करियर 2 मई, 1993 को रेड्डी आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एडिशनल जज नियुक्त हुए। इसके 2 साल बाद वे आंध्र हाईकोर्ट के परमानेंट जज बने। फिर 5 दिसंबर, 2005 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। हाईकोर्ट में रहते हुए उन्होंने सिविल, क्रिमिनल, कॉन्स्टिट्यूशनल और टैक्सेशन जैसे मामलों की सुनवाई की। 12 जनवरी, 2007 को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जज बने। इस दौरान उन्होंने कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ, टैक्सेशन, सर्विस लॉ और ह्यूमन राइट्स से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसले दिए। फिर 8 जुलाई, 2011 को 65 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए। 7 महीने में गोवा के पहले लोकायुक्त पद से इस्तीफा दिया गोवा के पहले लोकायुक्त रहे जस्टिस सुदर्शन रेड्डी ने 2013 में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस दौरान राज्य में मनोहर पर्रीकर की सरकार थी। पर्रीकर ने रेड्डी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। उन्होंने 7 महीने के भीतर ही इस्तीफा दे दिया था। उनकी नियुक्ति मार्च 2013 में हुई थी और उन्होंने अक्टूबर 2013 में अपना इस्तीफा दे दिया था। विपक्ष ने अपना उपराष्ट्रपति कैंडिडेट बनाया विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन ने 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बी सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि गठबंधन ने सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया है। उनका सामना नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस यानी NDA के सीपी राधाकृष्णन से होगा। दोनों उम्मीदवार 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। —————— ये खबर भी पढ़ें… NDA के उपराष्ट्रपति कैंडिडेट सीपी राधाकृष्णन: 17 की उम्र में RSS से जुड़े, आतंकवाद के खिलाफ 19 हजार किमी रथयात्रा निकाली, जानें कंप्लीट प्रोफाइल नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस यानी NDA ने रविवार, 17 अगस्त को सी.पी. राधाकृष्णन को भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया। ये निर्णय भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। दरअसल, 21 जुलाई की देर रात में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, नए उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर, 2025 को होने वाला है। पढ़ें पूरी खबर…

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