अमेरिका में एक फेडरल कोर्ट ने 5 साल के बच्चे लियाम कोनेहो रामोस और उसके पिता एड्रियन को इमिग्रेशन डिटेंशन से रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों को टेक्सास के साउथ टेक्सास फैमिली रेजिडेंशियल सेंटर में रखा गया था। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक जज ने आदेश दिया कि बच्चे और उसके पिता को जितनी जल्दी संभव हो रिहा किया जाए और किसी भी हाल में मंगलवार तक छोड़ दिया जाए। लियाम और उसके पिता को पिछले हफ्ते मिनेसोटा के मिनियापोलिस में उनके घर के बाहर से इमिग्रेशन एजेंट्स ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें करीब 1300 मील दूर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। दोनों को एक हफ्ते से ज्यादा समय तक हिरासत में रखा गया। US डिस्ट्रिक्ट जज फ्रेड बियरी ने अपने फैसले में सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार “डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस जैसे ऐतिहासिक दस्तावेजों को भूलती दिख रही है।” फैसले में जज ने ICE द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एडमिनिस्ट्रेटिव वारंट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना जज के साइन वाले वारंट संविधान की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। परिवार के वकील के मुताबिक, लियाम और उसके माता-पिता दिसंबर 2024 में इक्वाडोर से अमेरिका आए थे और बॉर्डर पर खुद को पेश कर शरण के लिए आवेदन किया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… भारत में अमेरिकी दूतावास का सोशल मीडिया रोज अपडेट नहीं होगा, शटडाउन वजह भारत में अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका में चल रहे आंशिक सरकारी शटडाउन के कारण अपनी सोशल मीडिया गतिविधि में अस्थायी कमी की घोषणा की। इसमें कहा गया कि जब तक पूरा कामकाज फिर से शुरू नहीं हो जाता, तब तक उसका आधिकारिक X अकाउंट नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाएगा। X पर एक पोस्ट में, दूतावास ने कहा कि सुरक्षा और जरूरी चीजों पर अपडेट सहित जरूरी कम्यूनिकेशन होता रहेगा। पोस्ट में लिखा गया, फंड की कमी के कारण, यह X अकाउंट तब तक नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाएगा जब तक कि पूरा कामकाज फिर से शुरू नहीं हो जाता, सिवाय जरूरी सुरक्षा और संरक्षा जानकारी के। ढाका में अमेरिकी दूतावास ने भी आंशिक सरकारी शटडाउन के बीच इसी तरह का बयान जारी किया।
