वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 30% तक कटौती, नई गाड़ी खरीदने पर भी रोक

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पाकिस्तान में बढ़ते फ्यूल संकट के बीच सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि सरकारी कंपनियों और सरकार के अधीन स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों की सैलरी में 5% से 30% तक कटौती की जाएगी। सरकार का कहना है कि इन कदमों से जो पैसा बचेगा, उसे लोगों को राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अगले दो महीनों तक सरकारी गाड़ियों के लिए फ्यूल का इस्तेमाल 50% तक कम किया जाएगा और करीब 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाएगा। इसके अलावा नई सरकारी गाड़ियां खरीदने पर रोक लगा दी गई है। मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है और सरकारी मीटिंग में मिलने वाली फीस भी खत्म करने का फैसला किया गया है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत करीब 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। इसी वजह से सरकार फ्यूल की खपत कम करने और आर्थिक दबाव घटाने के लिए ये कदम उठा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… वेनेजुएला में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद अमेरिकी झंडा लहराया, राजनयिक संबंध बिगड़ने की वजह से बंद था वेनेजुएला की राजधानी कराकस में अमेरिकी दूतावास पर 7 साल बाद फिर से अमेरिकी झंडा फहराया गया। अमेरिकी दूतावास ने बताया कि 12 मार्च 2019 को दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते खराब होने के कारण दूतावास बंद हो गया था। झंडा फहराने की यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में हालिया नरमी का संकेत मानी जा रही है। दरअसल, इसी साल 4 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद डेल्सी रोड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया। झंडा फहराने के दौरान कई स्थानीय लोग वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे दूसरे देशों के साथ रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। हालांकि देश में अब भी कुछ लोग अमेरिका के बढ़ते असर की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि मादुरो को जबरन सत्ता से हटाना और उन्हें उनकी पत्नी के साथ न्यूयॉर्क की जेल में रखना गलत था। साथ ही वेनेजुएला के तेल उद्योग में बढ़ते अमेरिकी प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। क्यूबा में फ्यूल संकट के बीच कम्युनिस्ट पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़, 5 गिरफ्तार क्यूबा में बढ़ते ऊर्जा संकट और महंगाई के बीच लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है। प्रदर्शनकारियों ने मोरोन शहर में कम्युनिस्ट पार्टी के स्थानीय कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। घटना के बाद पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक मोरोन में लोग बिजली कटौती और बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में कुछ लोग कम्युनिस्ट पार्टी के दफ्तर में घुस गए और वहां तोड़फोड़ करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने फर्नीचर बाहर निकालकर सड़क पर जला दिया। सरकारी मीडिया के अनुसार इस दौरान पास की एक फार्मेसी और सरकारी बाजार को भी नुकसान पहुंचा। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनल ने कहा कि लोगों की शिकायतें और मांगें जायज हैं, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि अमेरिकी तेल प्रतिबंध के कारण पिछले तीन महीनों से देश में पर्याप्त ईंधन नहीं पहुंच पाया है। इसकी वजह से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है और कई शहरों में रोज कई-कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। वियतनाम में आम चुनाव, रूलिंग कम्युनिस्ट पार्टी के 93% उम्मीदवार वियतनाम में रविवार को नेशनल असेंबली के लिए आम चुनाव कराए जा रहे हैं। करीब 7.3 करोड़ मतदाता 500 सांसदों और स्थानीय परिषदों के प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं। इस चुनाव में कुल 864 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से लगभग 93% उम्मीदवार सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य हैं, जबकि करीब 7.5% उम्मीदवार निर्दलीय हैं। वियतनाम में कम्युनिस्ट पार्टी कई दशकों से सत्ता में है और वहां मजबूत विपक्ष नहीं है। मौजूदा संसद में भी करीब 97% सांसद इसी पार्टी से जुड़े हुए हैं। संसद के अध्यक्ष त्रान थान मान के मुताबिक चुनाव के नतीजे 23 मार्च तक घोषित किए जा सकते हैं। इसके बाद अप्रैल की शुरुआत में नई नेशनल असेंबली का पहला सत्र होगा, जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत देश के शीर्ष नेताओं के नामों को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।

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