पाकिस्तान के पूर्व सांसद और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (F) के प्रमुख फजल-उर-रहमान ने रविवार को एक रैली में कहा कि सेना देश की लगातार बेइज्जती करा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1971 की जंग में पाकिस्तान की सेना ने एक हिंदू (भारतीय जनरल) के सामने 90 हजार से ज्यादा सैनिकों के साथ सरेंडर किया था और पूरे मुल्क की इज्जत मिट्टी में मिला दी। उनके मुताबिक, पाकिस्तान ने दुनिया के सामने अपना चेहरा उसी दिन जला लिया था। मौलाना ने कहा कि देश को मिली उस शर्मनाक हार से पाकिस्तान आज तक उबर नहीं पाया है, क्योंकि उसी मानसिकता के फैसले आज भी जारी हैं। उनके अनुसार, सेना अपनी गलतियां छिपाती है, सच्चाई जनता तक नहीं पहुंचाती और राजनीतिक नेताओं पर दबाव बनाती है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की टूटी अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी भी सेना की नाकाम नीतियों का नतीजा हैं। रहमान ने कहा कि जो लोग देश को यहां तक ले आए, वे खुद को हीरो बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता सब जानती है और उसे बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। मौलाना लंबे समय से पाकिस्तान की सत्ता और सैन्य प्रतिष्ठान की आलोचना करते रहे हैं। वे कई बार सांसद रह चुके हैं और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के कड़े विरोधी माने जाते हैं। 2019 में उन्होंने इमरान सरकार के खिलाफ “आजादी मार्च” भी निकाला था।
अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… इंडोनेशिया में 6.3 तीव्रता का भूकंप; साइक्लोन ‘सेन्यार’ से अब तक 28 मौत, 2 हजार घर डूबे इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर आज सुबह 6.3 तीव्रता का तेज भूकंप आया। यह भूकंप आचे प्रांत के पास 10 किलोमीटर गहराई में आया। अभी तक किसी के मारे जाने या नुकसान की खबर नहीं आई है। इंडोनेशिया में पहले से ही साइक्लोन ‘सेन्यार’ की वजह से भारी बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ और लैंडस्लाइड बढ़ गए हैं। यहां, बाढ़ से अब तक 28 लोगों की मौत हुई जबकि दर्जनों लापता हो गए हैं। करीब 2,000 घर पानी में डूब गए। वहीं, 2,800 से ज्यादा लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए। व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी की रिश्तेदार हिरासत में, ब्राजील डिपोर्ट किया जा सकता है अमेरिका की इमिग्रेशन एजेंसी ICE ने व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट के भतीजे की मां, ब्रूना कैरोलाइन फेरेरा को गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें जल्द ही ब्राजील वापस भेजा जा सकता है। यह मामला तब सामने आया जब ICE अधिकारियों ने उन्हें मैसाचुसेट्स से पकड़कर लुइसियाना की एक डिटेंशन सेंटर में भेज दिया। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का कहना है कि ब्रूना एक टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका आई थीं, लेकिन उनका वीजा 1999 में खत्म हो गया था। उनका आरोप है कि ब्रूना ने वीजा की टाइम लिमिट पार कर दी और उन पर हमले के शक में कार्रवाई की गई है। ब्रूना के वकील टॉड पोमरलीउ इन बातों से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि ब्रूना पर कोई आपराधिक मामला नहीं है। वे DACA नाम के उस सरकारी प्रोग्राम के तहत कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रही थीं, जो बच्चों के तौर पर आए लोगों को सुरक्षा देता है। वकील का यह भी कहना है कि ब्रूना ग्रीन कार्ड लेने की प्रोसेस में थीं और उन्हें अचानक गिरफ्तार कर लेने से उनका छोटा बच्चा भी उनसे अलग हो गया। ब्रूना के 11 साल के बेटे की परवरिश उसके पिता माइकल लेविट कर रहे हैं, जो कैरोलीन लेविट के भाई हैं। माइकल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता उनके बेटे की सुरक्षा और उसकी प्राइवेसी है। ट्रम्प प्रशासन ने इस साल से इमिग्रेशन कानूनों को बेहद सख्ती से लागू करना शुरू किया है। सरकार का कहना है कि जो भी लोग अमेरिका में बिना इजाजत के रह रहे हैं, उन्हें देश से निकाला जा सकता है। हॉन्गकॉन्ग में आग से 44 की मौत; 20 PHOTOS:279 घायल; 35 मंजिल वाली 8 बिल्डिंग में बांस के मचान से आग फैली हॉन्गकॉन्ग में ताई पो नाम के इलाके में बुधवार को एक बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स में आग लग गई । इस हादसे में अब तक 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 279 घायल हैं। ये कॉम्प्लेक्स कुल आठ इमारतों का था, जिनमें हर इमारत 35 मंजिलों की थी। इसमें करीब दो हजार अपार्टमेंट थे। वांग फुक कोर्ट के ये टावर बांस की मचान से ढंके हुए थे। आग की शुरुआत इमारतों के बाहर लगी इन्हीं मचानों से हुई, जिस पर मरम्मत का काम चल रहा था। तेज हवा और जलते हुए मलबे की वजह से लपटें एक इमारत से दूसरी इमारत तक फैलती चली गईं। पढ़ें पूरी खबर… अफगान शरणार्थी ने व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की:2 नेशनल गार्ड्स की हालत गंभीर, हमलावर गिरफ्तार; ट्रम्प बोले- वो इसकी भारी कीमत चुकाएगा अमेरिका में बुधवार शाम व्हाइट हाउस से दो ब्लॉक दूर हुई फायरिंग में नेशनल गार्ड्स के दो मेंबर्स की गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। FBI अधिकारियों के मुताबिक, हमले में शामिल संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल के तौर पर हुई है। वो अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था। उसने 2024 में शरणार्थी के दर्जे के लिए अप्लाई किया था और उसे इसी साल मंजूरी मिली थी। हमला फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जहां लाकनवाल कुछ समय तक इंतजार करता रहा और फिर अचानक 2:15 बजे के आसपास उसने गोलीबारी शुरू कर दी। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, उसने पहले एक महिला गार्ड को सीने में गोली मारी और फिर सिर में। इसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर फायर किया। पढ़ें पूरी खबर…
