वर्ल्ड अपडेट्स:पाकिस्तान बोला- बलूचिस्तान में 145 लड़ाके मारे, भारत हमले में शामिल; भारत ने आरोपों को निराधार बताया

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए एक के बाद एक बड़े आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने करीब 40 घंटे चले ऑपरेशन में 145 बलूच लड़ाकों को मार गिराया। यह जानकारी प्रांत के मुख्यमंत्री ने रविवार को दी। उन्होंने बताया कि इस हिंसा में 17 सुरक्षाकर्मी और 31 आम नागरिकों की जान गई। इससे पहले, एसोसिएटेड प्रेस ने पाकिस्तानी सेना के हवाले से बताया था कि आतंकियों ने बलूचिस्तान में आत्मघाती हमले और गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 33 लोगों की मौत हुई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 92 लड़ाकों को मार गिराया। अधिकारियों के मुताबिक, यह बलूचिस्तान में दशकों में पहली बार हुआ है जब एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। इन हमलों की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना ने कहा कि इन हमलों को भारत का समर्थन मिला है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान बार-बार ऐसे निराधार आरोप लगाकर अपने देश की अंदरूनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि हर हिंसक घटना के बाद बिना सबूत के आरोप लगाना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को ऐसे निरर्थक दावे दोहराने के बजाय अपने ही लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और मांगों पर ध्यान देना चाहिए, खासकर उस क्षेत्र में जहां हालात गंभीर बने हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान का दमन, क्रूरता और मानवाधिकार उल्लंघन का रिकॉर्ड दुनिया से छिपा नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… पाकिस्तान ने 7 भारतीय नागरिकों को लौटाया, पंजाब बाढ़ में बह गए थे पाकिस्तान ने 7 भारतीय नागरिकों को अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए भारत को सौंपा है। सभी 2023 की पंजाब बाढ़ के दौरान अपने जानवरों को बचाने की कोशिश में बहकर पाकिस्तान चले गए थे। BSF ने उन्हें बॉर्डर से रिसीव किया और कस्टम एंड इमिग्रेशन फॉर्मलिटी पूरी कर उनके परिवारों को सौंप दिया। इनमें 4 फतेहपुर, 1 जालंधर, 1 लुधियाना और 1 उत्तर प्रदेश के नागरिक हैं। इससे पहले भारत ने जनवरी में एक पाकिस्तानी नागरिक हाफिज मुहम्मद अब्बू बकर को रिहा कर पाकिस्तान भेजा था। सितंबर 2025 में भी भारत ने 48 पाकिस्तानी मछुआरों और 19 पाकिस्तानी नागरिक कैदियों को सजा पूरी होने के बाद पाकिस्तान लौटाया था। भारत सरकार ने पाकिस्तान से सभी भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों को जल्द रिहा करने के लिए कहा है। दोनों देश हर साल जनवरी और जुलाई में कैदियों और मछुआरों को रिहा करने की लिस्ट एक-दूसरे को शेयर करते हैं। ईरान ने यूरोपीय यूनियन के देशों की सेनाओं को आतंकी संगठन घोषित किया ईरान ने यूरोपीय यूनियन (EU) के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने कहा कि अब ईरान EU के सभी देशों की सेनाओं को आतंकी संगठन मानता है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब EU ने ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित किया है। ईरानी संसद में इस फैसले का ऐलान करते हुए स्पीकर कालिबाफ ने कहा कि यूरोपीय देशों ने अमेरिका के दबाव में आकर रिवोल्यूशनरी गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला यूरोप के अपने लोगों के हित में नहीं है। कालिबाफ ने कहा, “रिवोल्यूशनरी गार्ड आतंकवाद को यूरोप तक फैलने से रोकने में सबसे बड़ी बाधा रहा है। यूरोप ने इसे निशाना बनाकर खुद को नुकसान पहुंचाया है।” हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान का यह कदम फिलहाल ज्यादातर प्रतीकात्मक माना जा रहा है। इससे पहले 2019 में अमेरिका द्वारा रिवोल्यूशनरी गार्ड को आतंकी संगठन घोषित किए जाने के बाद भी ईरान ने जवाबी कानून के तहत दूसरे देशों की सेनाओं को आतंकी घोषित किया था। इस ऐलान के दौरान ईरानी संसद में कई सांसद रिवोल्यूशनरी गार्ड की वर्दी पहनकर पहुंचे। सत्र के अंत में संसद में डेथ टू अमेरिका और डेथ टू इजराइल के नारे भी लगाए गए। रिवोल्यूशनरी गार्ड ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों का नियंत्रण संभालती है और देश की अर्थव्यवस्था में इसकी बड़ी भूमिका है। यह फोर्स सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता 86 वर्षीय अयातुल्लाह अली खामेनेई को रिपोर्ट करती है। इंडोनेशिया में शादी से पहले संबंध बनाने पर 140 कोड़े की सजा, युवती बेहोश हुई इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया कानून तोड़ने पर एक अविवाहित जोड़े को सबके सामने 140 कोड़े मारे गए। दोनों पर शादी से पहले संबंध बनाने और शराब पीने का आरोप था। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, सजा के दौरान युवती बेहोश हो गई। तीन महिला अधिकारियों ने बारी-बारी से उसे छड़ी से मारा। हालत बिगड़ने पर उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। इस पब्लिक सजा में कुल 6 लोगों को कोड़े लगाए गए। कानून तोड़ने वालों में शरीया पुलिस का एक अधिकारी और उसकी महिला साथी भी शामिल थे। दोनों को प्राइवेट में साथ पाए जाने के आरोप में 23-23 कोड़े मारे गए। आचे की इस्लामिक पुलिस ने बताया कि अधिकारी को नौकरी से भी निकाला जाएगा। आचे इंडोनेशिया का इकलौता प्रांत है, जहां शरीया कानून लागू है। यहां अविवाहित संबंध पर 100 और शराब पीने पर 40 कोड़े का प्रावधान है। मानवाधिकार संगठन कोनत्रास ने इसे क्रूर बताते हुए नियमों में सुधार की मांग की है। अमेरिका में 5 साल के बच्चे को डिटेंशन से रिहा करने का आदेश, कोर्ट ने पिता को भी छोड़ने को कहा अमेरिका में एक फेडरल कोर्ट ने 5 साल के बच्चे लियाम कोनेहो रामोस और उसके पिता एड्रियन को इमिग्रेशन डिटेंशन से रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों को टेक्सास के साउथ टेक्सास फैमिली रेजिडेंशियल सेंटर में रखा गया था। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक जज ने आदेश दिया कि बच्चे और उसके पिता को जितनी जल्दी संभव हो रिहा किया जाए और किसी भी हाल में मंगलवार तक छोड़ दिया जाए। लियाम और उसके पिता को पिछले हफ्ते मिनेसोटा के मिनियापोलिस में उनके घर के बाहर से इमिग्रेशन एजेंट्स ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें करीब 1300 मील दूर टेक्सास के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। दोनों को एक हफ्ते से ज्यादा समय तक हिरासत में रखा गया। US डिस्ट्रिक्ट जज फ्रेड बियरी ने अपने फैसले में सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार “डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस जैसे ऐतिहासिक दस्तावेजों को भूलती दिख रही है।” फैसले में जज ने ICE द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एडमिनिस्ट्रेटिव वारंट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिना जज के साइन वाले वारंट संविधान की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। परिवार के वकील के मुताबिक, लियाम और उसके माता-पिता दिसंबर 2024 में इक्वाडोर से अमेरिका आए थे और बॉर्डर पर खुद को पेश कर शरण के लिए आवेदन किया था। भारत में अमेरिकी दूतावास का सोशल मीडिया रोज अपडेट नहीं होगा, शटडाउन वजह भारत में अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका में चल रहे आंशिक सरकारी शटडाउन के कारण अपनी सोशल मीडिया गतिविधि में अस्थायी कमी की घोषणा की। इसमें कहा गया कि जब तक पूरा कामकाज फिर से शुरू नहीं हो जाता, तब तक उसका आधिकारिक X अकाउंट नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाएगा। X पर एक पोस्ट में, दूतावास ने कहा कि सुरक्षा और जरूरी चीजों पर अपडेट सहित जरूरी कम्यूनिकेशन होता रहेगा। पोस्ट में लिखा गया, फंड की कमी के कारण, यह X अकाउंट तब तक नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाएगा जब तक कि पूरा कामकाज फिर से शुरू नहीं हो जाता, सिवाय जरूरी सुरक्षा और संरक्षा जानकारी के। ढाका में अमेरिकी दूतावास ने भी आंशिक सरकारी शटडाउन के बीच इसी तरह का बयान जारी किया।

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