वर्ल्ड अपडेट्स:पुरुष निकला दुनिया की सबसे ताकतवर महिला, खिताब छीना गया

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अमेरिकी एथलीट जैमी बुकर से दुनिया की सबसे ताकतवर महिला होने का खिताब छीन लिया गया है। वर्ल्ड स्ट्रॉन्गेस्ट वुमन प्रतियोगिता के आयोजकों ने दावा किया कि बुक जैविक रूप से पुरुष हैं। बुकर ने 23 नवंबर को यह खिताब जीता था। उनसे खिताब छीनने के बाद ब्रिटेन की एंड्रिया थॉम्पसन अब दुनिया की सबसे ताकतवर महिला घोषित कर दी गई हैं। टेक्सास में पिछले सप्ताह हुए इवेंट में बुकर ने बेहद कम अंतर से थॉम्पसन को हराकर खिताब जीता था। प्रतियोगिता के आयोजकों ने कहा कि खिलाड़ी केवल उसी कैटेगरी में भाग ले सकते हैं, जो जन्म के समय दर्ज जैविक लिंग से मेल खाती हो। यह मामला इसलिए खास है क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स संघ पहले से ही ट्रांसजेंडर एथलीटों पर अलग-अलग पॉलिसी लागू कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… बांग्लादेश में चार साल में गरीबी बढ़ी, देश में 3.6 करोड़ लोग गरीब बांग्लादेश में गरीबी लगातार बढ़ रही है। वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार साल में देश की गरीबी दर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और 2025 तक यह 21 फीसदी से ऊपर जा सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल देश में लगभग 3.6 करोड़ लोग गरीब हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की बड़ी आबादी गरीबी रेखा के थोड़ा ऊपर रहती है और महंगाई जैसे झटकों से आसानी से गरीबों की श्रेणी में आ सकती है। 2022 में ऐसे लोगों की संख्या 6.2 करोड़ थी। बांग्लादेश ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने 2022 में किए सर्वे में गरीबी दर 18.7 फीसदी बताई थी, लेकिन वर्ल्ड बैंक का कहना है कि हाल के वर्षों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2023 से 2024 के दौरान देश में करीब 20 लाख नौकरियां खत्म हुईं और 2025 में 8 लाख नौकरियां और जाने का अनुमान है। रोजगार के अवसर घटने, महंगाई बढ़ने और मजदूरी न बढ़ने की वजह से महिलाओं और युवाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। 2016 के बाद से रोजगार वृद्धि की प्रकृति भी बदल गई है। हर साल करीब 15 लाख नौकरियां तो बनीं, लेकिन इनमें से 63 फीसदी कृषि क्षेत्र में थीं, जहां आय काफी कम होती है। PAK आर्मी चीफ बोले- भारत से संघर्ष के बाद दुनिया में पाकिस्तान की छवि मजबूत हुई; हमने पेशेवर क्षमता दिखाई पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने कहा है कि मई में भारत के साथ हुए सीमित संघर्ष के बाद दुनिया में पाकिस्तान की छवि मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने पेशेवर क्षमता दिखाई। मुनीर बुधवार को रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) में नेशनल सिक्योरिटी वर्कशॉप को संबोधित कर रहे थे। बातचीत के दौरान मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण देश है और उसे वैश्विक मंच पर अपनी सही जगह मिलेगी। उन्होंने कहा, “मई में हुए संघर्ष में हमारी पेशेवर क्षमता और संकल्प ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ाया है।” मुनीर ने कहा कि, पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसकी राष्ट्रीय एकता है। इसी के आधार पर दुश्मनों की साजिशों को नाकाम किया जा सकता है। शेख हसीना के लॉकर से 9 किलो सोने के गहने बरामद, भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने की तैयारी में जुटी एजेंसी बांग्लादेश में शेख हसीना के लॉकर से 832 भरी (करीब 9 किलो) सोने के गहने बरामद किए गए हैं। ये गहने एग्रीनी बैंक के 2 लॉकल में रखे हुए थे। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद इन्हें जब्त कर लिया गया था। कोर्ट की अनुमति के बाद मंगलवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में इन्हें खोला गया। बांग्ला अखबार प्रथोम अलो के मुताबिक बांग्लादेश के एंटी करप्शन कमीशन (ACC) शेख हसीना के खिलाफ अब भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के नए मामले दर्ज करने की तैयारी में है। उन पर अपनी संपत्ति छिपाने और टैक्स चोरी का आरोप लगाया जाएगा। नेशनल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू इस समय शेख हसीना पर लगे टैक्स चोरी के आरोपों की जांच कर रहा है। साथ ही एंटी करप्शन कमीशन यह पता लगा रहा है कि क्या शेख हसीना और उनके परिवार ने अवैध तरीकों से संपत्ति इकट्ठा की थी। ACC की याचिका के बाद अदालत ने शेख हसीना, उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय, उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल, उनकी बहन शेख रिहाना, और अन्य संबंधित लोगों के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दे दिया है। पाकिस्तान-बांग्लादेश के बीच 7 साल बाद शुरू होगी फ्लाइट सर्विस, 2 पाकिस्तानी एयरलाइंस को मंजूरी मिली पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 7 साल बाद फिर से फ्लाइट सर्विस शुरू होगी। ढाका के शीर्ष राजनयिक ने बुधवार को यहां बताया कि यह कदम दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव होगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 2018 से कोई सीधी फ्लाइट नहीं चल रही थी। इस साल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के बाद दो पाकिस्तानी प्राइवेट एयरलाइंस को हाल ही में डायरेक्ट उड़ानें शुरू करने की मंजूरी मिली है। ढाका के हाई कमिश्नर इकबाल हुसैन खान ने लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (LCCI) में व्यापारियों को बताया, “महन एयर अगले महीने से ढाका और कराची के बीच हर हफ्ते 3 फ्लाइटें शुरू करेगी।” महन एयर एक निजी ईरानी एयरलाइन है, जिसका मुख्यालय तेहरान में है। हाई कमिश्नर ने यह भी कहा कि वीजा प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है। अब वीजा LCCI और लाहौर में बांग्लादेश के मानद वाणिज्य दूतावास की संयुक्त सिफारिश पर जारी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब वीजा सिर्फ तीन से चार दिनों में जारी कर दिया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा और भी आसान और तेज होगी। हाल ही में पाकिस्तान की दो निजी एयरलाइंस, फ्लाई जिन्नाह और एयरसियाल को भी बांग्लादेश के एविएशन अधिकारियों ने पाकिस्तान–बांग्लादेश के बीच डायरेक्ट फ्लाइट्स चलाने की मंजूरी दी है। इजराइल बोला- भारत की सुरक्षा पर पूरा भरोसा, हमारे रिश्ते बहुत मजबूत; नेतन्याहू ने कल भारत दौरा टाला था इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की भारत यात्रा फिलहाल टाल दी गई है। उनकी ऑफिस ने साफ किया है कि वे जल्द ही भारत आने की नई तारीख तय करने पर काम कर रहे हैं। नेतन्याहू के ऑफिस ने X पर लिखा कि उन्हें पीएम मोदी की लीडरशिप में भारत की सुरक्षा पर पूरा भरोसा है। साथ ही यह भी कहा कि भारत और इजराइल के रिश्ते बहुत मजबूत हैं और दोनों देशों के पीएम के बीच अच्छे रिश्ते हैं। कल इजराइली मीडिया ने बताया था कि दो हफ्ते पहले नई दिल्ली में हुए घातक आतंकी हमले के बाद नेतन्याहू ने भारत का दौरा रद्द कर दिया था। इस हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। नेतन्याहू अब अगले साल नई तारीख तय कर सकते हैं। यह इस साल तीसरी बार है जब नेतन्याहू ने भारत का प्रस्तावित दौरा रद्द किया है। इससे पहले सितंबर में होने वाला उनका भारत दौरा इजराइल में दोबारा होने वाले चुनावों के कारण रद्द कर दिया था। इससे पहले भी उन्होंने अप्रैल चुनावों से ठीक पहले भारत आने का प्लान टाल दिया था। इजराइल में माना जाता है कि भारत दौरा उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्वीकार्यता दिखाने का एक तरीका था। जुलाई में नेतन्याहू की पार्टी ने इलेक्शन कैंपेन के दौरान उनके पोस्टर लगाए थे, जिनमें वे PM मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ दिख रहे थे। इसका मकसद यह दिखाना था कि वे दुनिया के शक्तिशाली नेताओं की लीग में हैं। ट्रम्प ने थैंक्सगिविंग डे पर दो टर्की मुर्गों को क्षमादान दिया, पहली बार अब्राहम लिंकन ने माफी दी थी अमेरिका में थैंक्सगिविंग डे के मौके पर राष्ट्रपति ट्रम्प ने दो टर्की मुर्गों गॉबल और वैडल को क्षमादान दिया। इसे लेकर व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ट्रम्प ने कार्यक्रम के दौरान जो पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी मजाक किया। उन्होंने कहा कि बाइडेन ने पिछले साल टर्कियों को ऑटो-पेन से साइन करके माफी दी थी, इसलिए वे उस माफी को मान्य नहीं मानते। इस साल समारोह में थोड़ा बदलाव भी किया गया था। पहली बार सिर्फ एक टर्की को मंच पर लाया गया। मेलानिया ट्रम्प के दफ्तर ने पहले ही जनता से वोटिंग कराई थी कि कौन-सा टर्की राष्ट्रपति के सामने पेश होगा। वोटिंग में गॉबल जीत गया। जब ट्रम्प भाषण दे रहे थे तो गॉबल बार-बार तेज आवाज करके बीच में बोलता रहा, जिससे माहौल हंसी-मजाक से भरा रहा। गॉबल और वैडल दोनों नॉर्थ कैरोलिना में पैदा हुए थे। एक का वजन 23 किलो है और दूसरे का 22 किलो है। व्हाइट हाउस पहुंचने से पहले दोनों टर्कियों को बड़े शोर, रोशनी और भीड़ की आदत डलाई गई थी, जैसे वे किसी बड़े समारोह की तैयारी कर रहे हों। वे वॉशिंगटन में एक शानदार होटल के सुइट में भी ठहरे थे। समारोह के बाद दोनों टर्कियों को नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी ले जाया जाएगा, जहां वे आराम से अपनी जिंदगी गुजारेंगे। टर्की को माफ करने की परंपरा बहुत पुरानी है, जिसका जिक्र अब्राहम लिंकन के दौर से मिलता है। बाद में 1947 से यह समारोह हर साल व्हाइट हाउस में होता आया है। कहा जाता है कि 1863 में राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के बेटे टैड ने अपने पिता से एक टर्की को बचाने की गुजारिश की थी जो क्रिसमस डिनर के लिए भेजी गई थी। लिंकन ने उसे माफ कर दिया। यह सबसे पहला दर्ज किया गया मामला है। 1947 में ट्रूमैन प्रशासन के समय नेशनल टर्की फेडरेशन ने व्हाइट हाउस को हर साल थैंक्सगिविंग के लिए एक टर्की भेजना शुरू किया। उस समय टर्की को खाया जाता था, माफ नहीं किया जाता था। 1960 के दशक से कुछ राष्ट्रपतियों ने मजाक में टर्की को माफ कर दिया और उसे किसी फार्म या चिड़ियाघर में भेज दिया। 1989 में राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश ने पहली बार औपचारिक रूप से प्रेस के सामने टर्की को क्षमादान दिया। तब से यह हर साल होता है। इसके बाद आने वाले हर राष्ट्रपति ने यह परंपरा निभाई है। इथियोपिया से आई राख के कारण भारत ने विमान 4 हजार फीट नीचे उड़ाए, हर घंटे हवा जांची इथियोपिया के ज्वालामुखी की राख कल जब पूर्व दिशा में बढ़ने लगी तो भारत में गंभीर स्थिति बन गई, क्योंकि यदि राख के कण विमानों से टकराते तो हवा में हादसे की आशंका थी। ज्वालामुखी की राख (ऐश) 45,000 फीट ऊपर तक जा रही थी, जबकि विमान इससे नीचे उड़ते हैं। भारत के सामने पहली बार ऐसे हालात बने थे, इसलिए सरकार ने रियल टाइम वोल्कैनिक ऐश रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल सक्रिय किया। इसमें विमानन मंत्रालय की निगरानी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल, मौसम विभाग, एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय एविएशन एजेंसियों ने साथ काम शुरू किया। सबसे पहले एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नोटम (नोटिस टू एयर मिशन) जारी कर एयरलाइंस को अलर्ट किया। फिर माइक्रो डिसेंट मॉडल लागू किया। इसमें कुछ विमानों को उनकी न्यूनतम उड़ान ऊंचाई से 2 से 4 हजार फीट नीचे उड़ाया गया। दिल्ली और मुंबई स्थित फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन में हर घंटे ऊंचाई वाली हवा में राख कणों का जोखिम जांचा गया। इसके लिए IMD के लिडार स्कैन, वोल्कैनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर और एयर स्पीड पूर्वानुमानों का हर 30 मिनट में विश्लेषण किया गया। हर 90 मिनट में विमानों को अपडेट भेजे, तब जाकर हालात काबू में आए। माइक्रो डिसेंट मॉडल क्या है?
इसमें विमान को ऐश-लेयर से दूर ले जाने के लिए ऊंचाई में बदलाव करते हैं। इसका आधार एक वैज्ञानिक जोखिम मैप है। इससे पहले ऐसे हालात दो बार बने थे। पहली बार, ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA-9 थी, जिसमें सभी चार इंजन ऐश-इंजेस्टन के कारण बंद हो गए थे। दूसरा, KLM-867, जिसमें इंजन क्षतिग्रस्त हुए थे। दोनों विमान आइसलैंड और यूरोप के माउंट एटना विस्फोटों की राख से बिगड़े थे। इसी के बाद दुनिया ने वोल्कैनिक ऐश को ‘इनविजिबल हैजर्ड’ माना था और सख्त प्रोटोकॉल बनाए थे। ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो को 27 साल जेल:चुनाव में हार के बाद तख्तापलट की साजिश की थी; अगस्त से नजरबंद थे ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो (70) को वहां की सुप्रीम कोर्ट ने तख्तापलट की साजिश के मामले में 27 साल की सजा सुनाई। मंगलवार को ये फैसला आया। पूर्व राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में हार के बावजूद सत्ता में बने रहने के लिए मौजूदा राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा की सरकार गिराने की साजिश रची थी। सुनवाई के दौरान बोल्सोनारो की कानूनी टीम ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ अंतिम अपील नहीं की, जिसके बाद जस्टिस अलेक्जेंड्रे मोराएस ने 27 साल की सजा लागू करने का आदेश दिया। जज ने आदेश दिया कि बोल्सोनारो को फिलहाल राजधानी ब्राजीलिया में फेडरल पुलिस हेडक्वार्टर में ही रखा जाएगा, जहां वे शनिवार से ‘फरार होने की आशंका’ के कारण पहले ही प्री-अरेस्ट हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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