वर्ल्ड अपडेट्स:ब्रिटेन के एक पार्क में दो युवकों ने सिख लड़की का रेप किया, भारत वापस जाने की धमकी दी

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ब्रिटेन के ओल्डबरी के एक पार्क में मंगलवार की सुबह 20 साल की सिख लड़की से साथ दो लड़कों ने रेप किया और उसे अपने देश वापस लौटने के लिए धमकाया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दो आरोपी लंबे-चौड़े ब्रिटिश लड़के थे, जिनमें से एक ने गहरे रंग की स्वेट-शर्ट और दस्ताने पहने थे और दूसरे ने ग्रे टी-शर्ट पहनी थी। पुलिस सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने इस घटना को नस्ल वादी बताया है। पुलिस ने लोगों से घटना से जुड़े वीडियो फुटेज मुहैया कराने की अपील की है। इस घटना के बाद ब्रिटेन में रहने वाले सिख समुदाय में डर और गुस्सा का माहौल है। लेबर सांसद प्रीत कौर गिल ने एक्स पर लिखा कि हमारे सिख समुदाय और हर समुदाय को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने का हक है। नस्लवाद और रेप जैसी घटनाओं ने लिए यहां कोई जगह नहीं है। पुलिस लगातार हमारी सुरक्षा के लिए काम कर रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प का नाटो देशों को लेटर- रूस पर कड़े प्रतिबंध तो चीन पर 100% टैरिफ लगाने की अपील की अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सभी नाटो देशों और दुनिया को एक लेटर भेजा है, जिसमें उन्होंने रूस पर बड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही है। उन्होंने कहा- मैं रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हूं, लेकिन इसके लिए सभी नाटो देशों को रूस से तेल खरीदना बंद करना होगा और मुझसे सहमत होना होगा। ट्रम्प ने बताया कि कुछ नाटो देश रूस से तेल खरीद रहे हैं, जो गलत है और इससे उनकी बातचीत की ताकत कम हो जाती है। ट्रम्प ने आगे कहा- जब आप तैयार हों, तो बस कहें। मैं मानता हूं कि अगर नाटो चीन पर 50% से 100% तक टैरिफ लगाए, तो यह युद्ध खत्म करने में मदद करेगा। यह टैरिफ युद्ध खत्म होने के बाद पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। चीन रूस पर कंट्रोल रखता है और ये टैरिफ उस कंट्रोल को तोड़ देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनका युद्ध नहीं है, बल्कि बाइडेन और जेलेंस्की का युद्ध है। ट्रम्प ने कहा- अगर नाटो मेरी बात माने, तो युद्ध जल्दी खत्म हो जाएगा और हजारों जानें बचाई जा सकती हैं। अगर नहीं, तो आप सिर्फ मेरा और अमेरिका का समय बर्बाद कर रहे हैं। कांगो में एक हफ्ते में दो नाव पलटने से 193 लोगों की मौत, कई लापता अफ्रीकी कांगो के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र इक्वेटर प्रांत में इस हफ्ते दो अलग-अलग नाव दुर्घटनाओं में कम से कम 193 लोगों की मौत हो गई और कई लोग लापता हैं। अधिकारियों और सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पहली दुर्घटना बुधवार को बासांकुसु इलाके में हुई, जहां एक मोटर से चलने वाली नाव पलट गई। इस हादसे में 86 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस हादसे की वजह गलत लोडिंग और रात में नौवहन बताया गया है। कितने लोग लापता हैं, इसकी सटीक जानकारी नहीं। वहीं, दूसरी दुर्घटना गुरुवार शाम को लुकोलेला इलाके के मलंगे गांव के पास कांगो नदी पर हुई। यहां एक व्हेलबोट में आग लग गई और वह पलट गई। इसमें करीब 500 यात्री सवार थे। कांगो सरकार के मुताबिक, इस हादसे में 209 लोगों को बचाया गया, लेकिन कम से कम 107 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने कहा कि यह दोनों हादसे इक्वेटर प्रांत से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर हुए है। हादसों की वजह अब तक सामने नहीं आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओवरलोडिंग और रात में यात्रा करने की वजह से हादसे हो रहें है। हालांकि स्थानीय लोग सरकार की लापरवाही को हादसे की वजह बता रहे है। लोकल लोगों का कहना है कि मौत का आंकड़ा इतने ज्यादा है फिर भी अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। राष्ट्रपति ट्रम्प और कतर पीएम एक साथ डिनर करेंगे, इजराइली हमले के बाद हो रही मुलाकात कतर पर इजराइल के हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कतर के पीएम शेख मोहम्मद अलथानी के साथ डिनर करेंगे। यह डिनर शनिवार (भारतीय समयानुसार) को न्यूयॉर्क में होगा । इसमें ट्रम्प के सलाहकार स्टीव विटकॉफ भी मौजूद रहेंगे। इस डिनर का फैसला 11 सितंबर को व्हाइट हाउस में एक मीटिंग में लिया गया, जिसमें कतर के पीएम, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल थे। मीटिंग में इजराइल हमले के बाद कतर और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। इजराइल ने मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में हमास के नेताओं पर हमला किया था। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद हमास ने भी सीजफायर करने से मना कर दिया था। इस हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने इजराइली पीएम को फोन कर फटकार लगाई थी और कतर को सुरक्षा आश्वासन दिया था। कतर अमेरिका का सहयोगी देश है। यह गाजा युद्ध रोकने में मध्यस्थता कर रहा है। रूस के कामचटका में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया, सुनामी की चेतावनी जारी रूस के कामचटका के तट पर शनिवार को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया है। इसकी जानकारी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने दी। यहां सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। यह भूकंप कामचटका के प्रशासनिक केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचटस्की से 111 किलोमीटर (69 मील) पूर्व में, 39.5 किलोमीटर की गहराई पर आया। अभी तक किसी के हताहत होने की सूतना नहीं आई है। USGS ने पहले भूकंप की तीव्रता 7.5 बताई थी, लेकिन बाद में इसे 7.4 कर दिया। पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में रूस के तटों पर खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। इससे पहले जुलाई में, कामचटका के तट पर 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जो 2011 के बाद सबसे बड़ा था। शहबाज शरीफ का ऐलान- पाकिस्तान 2027 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट की मेजबानी करेगा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि पाकिस्तान 2027 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उन्होंने अधिकारियों से राजधानी इस्लामाबाद में इसकी तैयारी शुरू करने को कहा। शरीफ ने कहा, ‘हमें अब से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। हमें आवास निर्माण और इस्लामाबाद को सुंदर बनाने की जरूरत है।’ हालांकि, उन्होंने सम्मेलन की तारीख के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जो सदस्य देशों द्वारा आयोजित किया जाता है। UN महासभा में हमास-मुक्त फिलिस्तीनी देश के पक्ष में भारत सहित 142 देशों ने वोट दिया, इजराइल बोला- यह एक राजनीतिक सर्कस है संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को ‘न्यूयॉर्क डिक्लेरेशन’ को अपनाया, जिसमें दो-राष्ट्र समाधान को फिर से जिंदा करने की पहल की गई है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 142 देशों ने मतदान किया, जिनमें भारत भी शामिल रहा। अमेरिका सहित 10 देशों ने विरोध किया जबकि 12 ने मतदान से परहेज किया। इजराइल ने इस कदम को खारिज कर दिया। इजराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओरेन मार्मोरस्टीन ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, ‘एक बार फिर, यह साबित हो गया है कि महासभा वास्तविकता से कितनी दूर एक राजनीतिक सर्कस है, इस प्रस्ताव में, एक बार भी इस बात का जिक्र नहीं है कि हमास एक आतंकवादी संगठन है।’ वही, फ्रांस और सऊदी अरब द्वारा पेश इस प्रस्ताव में 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए हमलों की निंदा की गई है और संगठन से हथियार डालने व सभी बंधकों को रिहा करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि गाजा युद्ध को खत्म कर फिलिस्तीन अथॉरिटी को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ गाजा की बागडोर संभालनी चाहिए। 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाले शिखर सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों औपचारिक रूप से फिलिस्तीन को मान्यता देने का वादा कर चुके हैं। इससे जुड़ी पूरी खबर यहां पढ़ें… घूसखोरी रोकने के लिए अल्बानिया में AI मिनिस्टर:PM बोले- सरकारी ठेकों पर नजर रखेगी, विपक्ष ने कहा- यह पब्लिसिटी स्टंट, संविधान के खिलाफ अल्बानिया दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसके पास एक AI मंत्री है। यह कोई इंसान नहीं, बल्कि पिक्सल और कोड से बनी एक वर्चुअल मंत्री है, जो पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मुताबिक काम करती है। इसका नाम डिएला रखा गया है। प्रधानमंत्री एडी रामा ने हाल ही में चौथी बार चुनाव जीतने के कुछ महीनों बाद डिएला को अपने कैबिनेट में शामिल किया है। डिएला को सरकारी फंडिंग प्रोजेक्ट्स और पब्लिक टेंडरों में भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी दी गई है। विपक्ष ने इसकी आलोचना की है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा कि यह एक पब्लिसिटी स्टंट है और संविधान के खिलाफ भी है। यहां पढ़ें पूरी खबर… नेपाल हिंसा- PM पद छोड़ने वाले ओली पर FIR:आरोप- पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर ज्यादती का आदेश दिया; अभी अज्ञात जगह छिपे हैं नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ शनिवार को राजधानी काठमांडू में FIR दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओली पर आरोप है कि 8 सितंबर को जब आंदोलन शुरू हुआ था, तब उन्होंने पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर हमले और ज्यादती का आदेश दिया था। ओली ने भारी दबाव के बीच 9 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से ही वो आर्मी की सुरक्षा में हैं। वहीं, नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की आज घायल आंदोलनकारियों से मिलने काठमांडू के हॉस्पिटल पहुंची। सुशीला कार्की ने शुक्रवार को ही नेपाल के अंतरिम पीएम पद की शपथ ली है। उन्हें 5 मार्च, 2026 तक संसदीय चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है। 6 दिनों की हिंसा के बाद काठमांडू के कई इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है। वहीं, 6 जगहों पर अब भी कर्फ्यू जारी है। यहां 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, भूख हड़ताल, धरना, घेराव, जुलूस और सभा करने पर रोक लगा दी गई है। नोटिस में कहा गया है कि यह आदेश दो महीने तक लागू रहेगा। यहां पढ़ें पूरी खबर… रूस के कामचटका में 7.4 तीव्रता का भूकंप:सुनामी की चेतावनी जारी; बीते 3 महीनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 3 भूकंप दर्ज हुए रूस के कामचटका में शनिवार को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया है। भूकंप के बाद यहां सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। यह भूकंप 39.5 किलोमीटर की गहराई पर आया। USGS ने पहले भूकंप की तीव्रता 7.5 बताई थी, लेकिन बाद में इसे 7.4 कर दिया। पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में रूस के तटों पर खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले 30 जुलाई को यहां 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जो दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप आया था। कामचटका में बीते तीन महिनों में 7 तीव्रता से ज्यादा के 3 भूकंप दर्ज किए गए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर… नेपाल में तख्तापलट के 6 दिन 12 ग्राफिक्स में:Gen-Z आंदोलन में संसद जली, प्रधानमंत्री भागे, पूर्व PM पिटे; पहली बार महिला PM बनी नेपाल में 8 सितंबर को सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जेनरेशन Z का प्रदर्शन शुरू हुआ, जो हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी ‘ऑफिस सिंह’ दरबार को आग के हवाले कर दिया था। यहां PM ऑफिस भी था। हालात बिगड़ने पर काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया, संसद ठप हो गई और प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा। इस्तीफे के बाद ओली को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। वहीं, गुस्साए Gen- Z ने पूर्व पीएम समेत कई मंत्रियों को पीटा। पुलिस ने हिंसा रोकने के लिए फायरिंग की जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसके बाद 12 सितंबर को पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। कार्की नेपाल के 220 साल के इतिहास में पहली महिला PM बनी। यहां पढ़ें पूरी खबर… Gen-Z की पसंदीदा सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम पीएम:प्रचंड सरकार चीफ जस्टिस पद से इन्हें हटाने महाभियोग लाई थी; पति ने प्लेन हाईजैक किया था नेपाल में Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने सुशीला कार्की को देश का अंतरिम पीएम चुना है। उन्हें शुक्रवार रात राष्ट्रपति ने पद की शपथ दिलाई। वे 220 सालों के इतिहास में देश की पहली महिला पीएम बनी हैं। इससे पहले सुशीला नेपाल सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस रह चुकी हैं। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रवैए के लिए जानी जाती हैं। 2017 में जब इन्हें हटाने के लिए प्रचंड सरकार महाभियोग लेकर आई, तो सुशीला के समर्थन में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे। मजबूरन सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। सुशीला के पति ने 52 साल पहले एक प्लेन हाईजैक किया था जिसकी चर्चा भारत में खूब हुई थी। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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