शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- ‘बटोगे तो कटोगे’ का नारा गलत:हमको अब तक किसने काटा, ये कहना चाहते हैं कि हमें वोट नहीं दिया,तो काट देंगे

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पीएम मोदी और बीजेपी ने ‘बटोगे तो कटोगे’ के नारे पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि, यह नारा 2024 में क्यों दिया जा रहा है। इतने साल से चुनाव हो रहे हैं। क्या इससे पहले हम सेफ नहीं थे? किसने हमको अब तक काटा है। यह नारा देकर कहना चाहते हैं कि हमको वोट नहीं दिया, तो काट देंगे। धमकी देकर वोट नहीं लिया जा सकता है। आप अपनी नीतियां ठीक करिए। आप धमका क्यों रहे हो। बटोगे तो कटोगे का नारा कैसे दिया जा सकता है। इस पर कोई कुछ नई बोल रहा है। न तो राष्ट्रपति बोल रहे, न ही सुप्रीम कोर्ट बोल रहा है। यह जो नारा है, वो गलत है। ऐसा नारा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। शंकराचार्य ने यह बयान छत्तीसगढ़ के रायपुर में दिया है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार दुर्भाग्यपूर्ण बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हम हिंदुओं को इसकी चिंता है। यदि वहां से लोग आ रहे हैं, तो उन्हें भारत में शरण दी जाए। भारत हिंदुओं की मात्र भूमि है। लेकिन पिछले दिन यह घटना हुई की BSF के जवानों ने उन्हें भगा दिया था। उन्होंने कहा कि, हमने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा था कि, उन्हें आने दिया जाए। आज वो विषय बढ़ता चला जा रहा है। हम इतनी बड़ी संख्या में होने के बावजूद कुछ नहीं कर पा रहे हैं। जब आप सत्ता में ही हैं, तो प्रदर्शन की क्या जरूरत है। प्रदर्शन करके आप राजनीतिक लाभ लेना चाह रहे हैं। इनको कहना था एक भी हिन्दू को आपने छुआ तो कई उदाहरण हमने अभी आपको बताए बांग्लादेश हमारे वजह से बना है। इस मसले पर कुछ नहीं हुआ तो यहां भी बहुत बांग्लादेशी है। हम उनको भी एक-एक कर बाहर निकलेंगे। जात पात की करो विदाई ये ठीक नहीं है हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, कोई भी पदयात्रा करे उसका हम स्वागत करते हैं। लेकिन अपनी यात्रा पर यह कहते है कि जात पात की करो विदाई यह ठीक नहीं है। वर्ण और आश्रम से हमारी पहचान है, तो कैसे हिन्दू राष्ट्र बन सकता है। ऐसा हिन्दू राष्ट्र जिसमें वर्ण आश्रम नहीं होगा, वो खतरनाक होगा। वहीं, धर्मांतरण को लेकर बस्तर में धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि, इस यात्रा से धर्मांतरण को बढ़ावा मिलेगा। हम कह रहे है कि वे यात्रा ना करें। गौ-माता को दिया राज्यमाता का दर्जा इसलिए बड़ी जीत हुई महाराष्ट्र में महायुति की जीत को लेकर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि, महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार थी, तो उन्होंने हमारी मांग को पूरा किया। गौ-माता को राज्यमाता का दर्जा और उन्हें इतनी बड़ी जीत मिली है। उनकी पर गौ माता का ही आशीर्वाद है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री गौ-माता को राज्य माता घोषित करने के लिए हिचक रहे हैं। आगे चुनाव इनका भी है, कुछ भी हो सकता है।

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