भीमावत की ओर से प्रस्तुत आवेदन में कहा था कि याचिका निराधार और झूठे तथ्यों पर आधारित है और इसका उद्देश्य सिर्फ कोर्ट का समय खराब करना है। याचिकाकर्ता ने जिन 158 डाक मतपत्रों को गलत तरीके से निरस्त करना बताया है उनके बारे में यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि वे क्यों निरस्त किए गए। ऐसे में याचिका में आगे सुनवाई का मतलब नहीं, इसे निरस्त किया जाए।
