शाहरुख@60; मां के सपने के लिए बने एक्टर:हेमा मालिनी ने कहा बदसूरत, पहली कमाई थी 50 रुपए, आज हैं दुनिया के सबसे अमीर एक्टर

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दिल्ली का एक लड़का, जिसका सपना था कि वह आर्मी में जाए और देश की सेवा करे। खेल-कूद में भी वह आगे था और अपनी कॉलेज की हॉकी टीम का कप्तान था, लेकिन एक दिन अचानक उसे चोट लग गई और उसके बाद उसका स्पोर्ट्स करियर खत्म हो गया। लेकिन वह जीरो को बहुत खास मानता है, क्योंकि जीरो एक नई शुरुआत होता है। इसके बाद उसने थिएटर में एक्टिंग शुरू की और कुछ सालों में बन गया बॉलीवुड का सुपरस्टार। जी हां, हम बात कर रहे हैं शाहरुख खान की। आज सुपरस्टार शाहरुख खान के जन्मदिन पर जानते हैं कि उनकी जिंदगी और करियर से हम क्या सीख सकते हैं। दुआ में वो ताकत है, जो जिंदगी बदल सकती है जब शाहरुख 15 साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद 1991 में, जब वह 26 साल के थे, उनकी मां भी चल बसीं। शाहरुख खान ने अनुपम खेर के शो में बताया था कि जिस दिन उनकी मां ने आखिरी सांस ली, उस दिन वे दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल की पार्किंग में बैठे दुआ कर रहे थे। किसी ने उन्हें कहा था कि अगर वे लगातार दुआ पढ़ते रहेंगे, तो मां को कुछ नहीं होगा। शाहरुख ने कहा, “मुझे सौ बार दुआ पढ़ने को कहा गया था, लेकिन मैंने सौ से भी ज्यादा बार पढ़ी। मुझे यकीन था कि मेरी दुआ मां को रोक लेगी।” लेकिन तभी डॉक्टर आए और बोले – “आप आईसीयू में जा सकते हैं।” शाहरुख समझ गए कि अब मां की आखिरी घड़ी आ गई है। वे नहीं जाना चाहते थे, क्योंकि उन्हें लगता था कि अगर दुआ जारी रखी तो मां बच जाएंगी, लेकिन बहन और परिवार के कहने पर वे अंदर गए। शाहरुख ने आगे कहा था, “मुझे लगता है कि इंसान तब ही दुनिया छोड़ता है, जब वह हर चीज से संतुष्ट हो जाता है क्योंकि अगर ऐसा न हो, तो मां-बाप बच्चों को छोड़ नहीं पाते।” इसलिए उन्होंने मां से कहा – “अगर आप चली गईं तो मैं बहन का ख्याल नहीं रखूंगा, पढ़ाई नहीं करूंगा, कुछ नहीं करूंगा।” वे सोचते रहे कि अगर मां को लगेगा बेटा अब भी अधूरा है, तो शायद वे रुक जाएंगी, लेकिन शायद मां को भरोसा था कि शाहरुख सब संभाल लेंगे। शायद यही दुआ और अधूरी ख्वाहिश थी जिसने शाहरुख खान की जिंदगी को बदल दिया और उन्हें आज वो बना दिया, जिसकी कल्पना शायद उनके मां-बाप ने भी की होगी। प्यार सबसे बड़ी ताकत है, रिस्क लेना पड़े, तो लें शाहरुख खान और गौरी की लव स्टोरी इस बात का प्रमाण है कि प्यार दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है और यह धर्म व सामाजिक दर्जे से कहीं ऊपर है। 1984 में, जब शाहरुख 19 और गौरी 14 साल की थीं, दोनों दिल्ली में एक पार्टी में मिले थे और शाहरुख को पहली नजर में ही गौरी से प्यार हो गया। उनकी प्रेम कहानी में कई मुश्किलें आईं, खासकर धर्म और परिवार की तरफ से विरोध के कारण। एक बार जब गौरी शाहरुख के अत्यधिक पजेसिव व्यवहार से परेशान होकर मुंबई चली गईं, तो शाहरुख उनके पीछे मुंबई चले गए और आखिरकार दोनों ने गोरेगांव बीच पर सुलह कर ली। गौरी के परिवार के सामने शाहरुख 5 साल तक हिंदू बने रहे, लेकिन जब सच सामने आया, तो उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गौरी के परिवार को मनाने के लिए शाहरुख ने कई कोशिशें कीं। इस वजह से दोनों को तीन बार शादी करनी पड़ी पहली शादी कोर्ट मैरिज, दूसरी मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह और तीसरी शादी पंजाबी स्टाइल में। 1991 में दोनों की शादी हुई। आज, शादी के तीन दशकों से भी ज्यादा समय बाद, वे न केवल बॉलीवुड के सबसे मजबूत कपल में से एक हैं, बल्कि एक सफल प्रोडक्शन कंपनी, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, भी चलाते हैं। उनके तीन बच्चे आर्यन खान, सुहाना खान और अबराम खान हैं। शाहरुख के घर में सभी धर्मों का सम्मान है और सभी त्योहार मनाए जाते हैं। छोटे कदम बड़ी मंजिल तक ले जाते हैं शाहरुख के करियर से हम सीख सकते हैं कि जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए शुरुआत छोटे कदमों से करनी पड़ती है और रिस्क लेना जरूरी होता है। शाहरुख ने अपने करियर की शुरुआत टीवी सीरियल से की। उन्होंने फौजी (1989), दिल दरिया (1988) और सर्कस जैसे टीवी शो में काम किया। इन शो में अपनी दमदार परफॉर्मेंस के बाद ही शाहरुख को फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और 1992 में उन्होंने फिल्म दीवाना से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद जब वह फिल्मों में आए, तो उन्होंने केवल हीरो की भूमिका के पीछे भागने के बजाय बाजीगर और डर जैसी फिल्मों में नेगेटिव किरदार निभाए और अलग पहचान बनाई। फिल्म डर के समय सनी देओल एक स्टार थे, जबकि शाहरुख नए कलाकार थे। उन्होंने विलेन का किरदार निभाया, लेकिन उनकी शानदार एक्टिंग ने उनके रोल को बेहद लोकप्रिय बना दिया। शाहरुख खान को 1994 में 39वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में फिल्म बाजीगर के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। उसी साल डर के लिए बेस्ट विलेन के लिए भी नॉमिनेट हुए थे। वहीं, फिल्म अंजाम (1994) लिए उन्हें बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था। अपनी काबिलियत पर भरोसा करो, दुनिया मानेगी जब शाहरुख ने बहुत कम फिल्में की थीं, तब भी उनमें आत्मविश्वास की कमी नहीं थी। शाहरुख ने खुद पत्रकार रजत शर्मा से कहा था कि जैसे आप अपने शो ‘आप की अदालत’ में राजेश खन्ना को लेकर आए, वैसे ही मुझे भी लेकर आइए। इसके बाद जब रजत शर्मा ने शाहरुख को अपने शो में बुलाने का विचार बनाया तो उनकी प्रोडक्शन टीम झिझक रही थी। टीम का मानना था कि अब तक उन्होंने सिर्फ राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार को बुलाया था और किसी नए कलाकार को बुलाना उनके शो के लेवल के खिलाफ हो सकता है। हालांकि रजत शर्मा ने शाहरुख को अपने शो में बुलाया। शो बहुत शानदार रहा और शाहरुख ने सभी सवालों के जवाब बड़े आत्मविश्वास के साथ दिए। शाहरुख ने बाद में खुद रजत शर्मा को बताया था कि इस इंटरव्यू के बाद अगर उन्हें चाहने वालों की संख्या 5,000 थी, तो वह बढ़कर 5 लाख हो गई। वहीं, करियर की शुरुआत में शाहरुख को उनके लुक्स को लेकर भी जज किया गया। प्रोडयूसर विवेक वासवानी ने बताया था कि जब वे एक फिल्म के सिलसिले में शाहरुख के साथ हेमा मालिनी से मिलने गए थे, तो हेमा ने शाहरुख को “बदसूरत” कहा था। हालांकि उन्होंने शाहरुख को अपनी फिल्म में कास्ट किया था। शाहरुख ने 2024 में लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल में बताया था कि एक डायरेक्टर ने उनसे कहा था, “तुम्हारी सबसे आकर्षक बात ये है कि तुम बहुत बदसूरत हो। बाकी सारे हीरो स्विस चॉकलेट जैसे दिखते हैं।” शाहरुख ने जवाब दिया था, “अगर मैं बदसूरत हूं, तो मैं विलेन के रोल करूंगा।” इसके बाद उन्होंने डर जैसी फिल्मों में ग्रे और नेगेटिव किरदार निभाए, लेकिन उनकी एक्टिंग इतनी दमदार रही कि यश चोपड़ा जैसे फिल्ममेकर ने कहा – “तुम बुरे नहीं लगते, तुम्हें एक लव स्टोरी करनी चाहिए।” इसके बाद दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे आई और शाहरुख रोमांस में भी छा गए। आज शाहरुख खान अपनी करिश्माई पर्सनैलिटी और आत्मविश्वास के लिए जाने जाते हैं। उनकी जर्नी साबित करती है कि अगर आप खुद पर भरोसा रखें, तो लोग क्या सोचते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता। औकात से बड़ा सोचो तो, सब मिलेगा शाहरुख खान की जिंदगी में एक चीज साफ है कि उन्होंने हमेशा औकात से बड़ा सोचो का सिद्धांत अपनाया है। शाहरुख ने 1997 में अपनी फिल्म यस बॉस की शूटिंग के दौरान मन्नत को पहली बार देखा। उस समय यह बंगला ‘विला वियना’ के नाम से जाना जाता था। समुद्र के किनारे खड़ा यह बंगला उनकी नजर में बिल्कुल सपनों जैसा था। हालांकि चुनौती यह थी कि एक सक्सेस एक्टर होने के बावजूद शाहरुख के पास इतने बड़े घर को खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। फिर भी उन्होंने सोचा कि अगर वह यह अवसर खो देंगे, तो जीवन में हमेशा कमी का एहसास रहेगा। शाहरुख ने यह बंगला गौरी के जन्मदिन पर उन्हें गिफ्ट किया था। हालांकि इसे खरीदना आसान नहीं था। 2001 में, जब उन्हें यह बंगला खरीदने का मौका मिला, उन्होंने हिम्मत दिखाई और अपने सपने को सच करने का फैसला लिया। शाहरुख की करीबी शबीना खान ने अपने आर्टिकल ‘द एसआरके स्टोरी’ में लिखा था कि जब शाहरुख ने ‘मन्नत’ खरीदा, तब उनके पास केवल 2 करोड़ रुपए थे, जबकि बंगले की कीमत करीब 30 करोड़ रुपए थी। बाकी पैसे उन्होंने लोन लेकर दिए। लेकिन अब समस्या थी घर को सजाना। उन्होंने एक इंटीरियर डिजाइनर से संपर्क किया, लेकिन उसकी फीस इतनी ज्यादा थी। जिसके चलते शाहरुख ने गौरी से कहा कि वे खुद ही घर का इंटीरियर डिजाइन करें। गौरी ने यह चुनौती स्वीकार की और घर के हर कोने में अपनी कला का जादू बिखेर दिया। आज शाहरुख के घर मन्नत की कीमत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक है। बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए बदलाव जरूरी शाहरुख खान टेक्नोलॉजी फ्रेंडली हैं। साथ वे किसी भी नए बदलाव को अपनाने में विश्वास रखते हैं। 1996 में, आमिर खान को शाहरुख ने उन्हें एक लैपटॉप खरीदने के लिए प्रेरित किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने आमिर को एक लैपटॉप गिफ्ट किया और उसे खुद सेटअप करके भी दिया था। वहीं, एक सक्सेस एक्टर होने के बाद भी, 2002 में उन्होंने अपनी पत्नी गौरी खान के साथ रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की स्थापना की। यह कंपनी सिर्फ फिल्मों का प्रोडक्शन ही नहीं करती, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन, मार्केटिंग और VFX जैसी तकनीकी सेवाएं भी प्रदान करती है। इसके अलावा, शाहरुख ने 2008 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) टीम खरीदी और इसके बाद क्रिकेट की अन्य लीगों में भी निवेश किया, जैसे कैरिबियन प्रीमियर लीग की ट्रिनबागो नाइट राइडर्स और अबू धाबी नाइट राइडर्स। परिवार सबसे पहले, बाकी सब बाद में आता है शाहरुख खान के लिए परिवार हमेशा प्राथमिकता रहा है। वो पहले फिल्मों में काम नहीं करना चाहते थे, लेकिन मां के निधन के बाद वो खुद फिल्म प्रोड्यूसर विवेक वासवानी के पास गए और बोले, “मैं आपके साथ फिल्म करूंगा।” इस पर वासवानी ने कहा, “आप तो फिल्म में काम नहीं करना चाहते थे।” जिस पर शाहरुख ने कहा था, “अब मुझे फिल्में करनी हैं, क्योंकि यह मेरी मां का सपना था कि मैं सुपरस्टार बनूं। अब मैं उनके सपने को पूरा करने के लिए फिल्में करना चाहता हूं।” उन्होंने अपने करियर के शुरुआती संघर्ष और सुपरस्टार बनने के बाद भी परिवार को कभी पीछे नहीं छोड़ा। करियर की बिल्कुल शुरुआत में ही उन्होंने 1991 में गौरी खान से शादी की और हमेशा उन्हें अपनी ताकत बताया। शाहरुख ने कहा था कि अगर उन्हें करियर और गौरी में से किसी एक को चुनना पड़े, तो वह गौरी को चुनेंगे। अपने बच्चों आर्यन, सुहाना और अबराम के साथ उनका दोस्ताना रिश्ता है। माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी बहन शहनाज की जिम्मेदारी संभाली और आज भी वह उनके साथ ‘मन्नत’ में रहती हैं। उम्र सिर्फ एक नंबर है, जज्बा असली ताकत है साल 2023 में शाहरुख खान ने 57 साल से अधिक की उम्र में भी अपनी फिटनेस, ऊर्जा और एक्शन-हीरो की छवि से यह साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। पठान के लिए शाहरुख ने खतरनाक स्टंट्स के साथ-साथ एक शानदार फिजिक भी बनाए, जिसके लिए उन्होंने दो साल तक कड़ी मेहनत और डाइट का पालन किया। उनकी इस ट्रांसफॉर्मेशन ने उनके एक्शन अवतार को और भी विश्वसनीय बना दिया। हार के जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं शाहरुख खान की जिंदगी और करियर इस बात का सबूत हैं कि हार के जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं। साल 2014 के बाद उनका सफर आसान नहीं रहा। फैन (2016) और जब हैरी मेट सेजल (2017) जैसी फिल्मों से उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। सबसे बड़ा झटका 2018 की फिल्म जीरो से लगा, 200 करोड़ रुपए की बजट वाली फिल्म ने 191.43 करोड़ रुपए कमाए थे। जिसके बाद शाहरुख ने फिल्मों से ब्रेक लेने का फैसला किया। लेकिन जैसा कि हमेशा कहा जाता है, असली खिलाड़ी वही होता है जो गिरकर भी उठता है और शाहरुख ने यह कर दिखाया। चार साल बाद, 2023 में उन्होंने तीन फिल्मों के साथ शानदार वापसी की। साल की शुरुआत पठान से हुई, जिसने 1,050 करोड़ रुपए की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़े और शाहरुख को फिर से ‘एक्शन हीरो’ के रूप में स्थापित किया। इसके बाद जवान आई, जिसने पठान से भी ज्यादा सफलता हासिल की और ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1,148 से1,160 करोड़ रुपए तक कमाए। साल के अंत में डंकी ने भी लगभग 470.6 करोड़ रुपए की शानदार कमाई की। चार साल के ब्रेक के बाद, जब कई लोगों ने उनकी वापसी को लेकर संदेह जताया, तब उन्होंने पठान और जवान जैसी लगातार दो ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर आलोचकों को चुप करा दिया। नेगेटिव लोगों को जवाब शांत दिमाग से देना चाहिए शाहरुख खान को बॉलीवुड का बादशाह सिर्फ उनकी एक्टिंग की वजह से नहीं कहा जाता, बल्कि उनकी पर्सनैलिटी की वजह से भी कहा जाता है। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है। उनसे सीखा जा सकता है कि नेगेटिव लोगों को कैसे हैंडल करना चाहिए। इसका उदाहरण साल 2016 की एक घटना है, जब TVF की टीम के साथ एक लाइव सेशन के दौरान एक यूजर ने मजाक या नफरत में शाहरुख को “छक्का” कह दिया। ज्यादातर लोग ऐसी स्थिति में नाराज हो जाते या जवाब देने से बचते, लेकिन शाहरुख ने खुद वह कमेंट पढ़ा और मुस्कुराते हुए जवाब दिया — “मैं इतना बड़ा हूं कि चौक्का तो नहीं हो सकता, न सिंगल हूं मेरे दोस्त, छक्का ही मारूंगा!” शाहरुख के इस जवाब के बाद, बगल में बैठे एक्टर जीतेन्द्र कुमार और एक्ट्रेस निधि बिष्ट भी उनका जवाब सुनकर तालियां बजाने लगे। जो बदलना चाहता है, उसके लिए हर वक्त सही है अपने 59वें जन्मदिन पर शाहरुख खान ने घोषणा की थी कि उन्होंने स्मोकिंग छोड़ दी है। शाहरुख ने कहा था कि एक अच्छी बात यह है कि अब वह स्मोकिंग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद भी उन्हें सांस फूलने की दिक्कत होती है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि समय के साथ यह भी ठीक हो जाएगा। शाहरुख ने साफ कहा था कि वह धूम्रपान छोड़ने पर किसी के लिए रोल मॉडल नहीं बनना चाहते। यह उनका निजी फैसला है। उन्होंने बताया था कि उन्होंने करीब 30 साल तक बहुत ज्यादा स्मोकिंग की है। वह एक दिन में 100 सिगरेट और 30 कप ब्लैक कॉफी पीने की बात भी पहले स्वीकार कर चुके हैं। अंत में बस यही कहेंगे — शाहरुख खान का सफर दिल्ली के एक लड़के के रूप में शुरू हुआ था और आज वह न केवल देश बल्कि दुनिया के सबसे बड़े फैनबेस और स्टार फॉलोइंग वाले कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने 90 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ भारतीय सिनेमा की सबसे लंबे समय तक चलने वाली फिल्म बनी, और ‘जवान’ हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है। शाहरुख को फिल्मफेयर, पद्मश्री और नेशनल अवॉर्ड जैसे कई सम्मान मिले हैं। जिस शाहरुख को कभी पहली कमाई के रूप में 50 रुपए मिले थे, वही आज दुनिया के सबसे अमीर एक्टर हैं। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, शाहरुख की कुल संपत्ति 1.4 बिलियन डॉलर (लगभग 12,490 करोड़ रुपए) है। उनके पीछे आर्नोल्ड, टेलर स्विफ्ट, सेलेना गोमेज और टॉम क्रूज जैसे कई मशहूर सेलेब्स हैं। उनकी कहानी हमें यह सिखाती है – स्टार जन्म से नहीं बनते, वे अपने संघर्ष, साहस और जज्बे से बनते हैं। …………………….. बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… रवीना टंडन@51, फिल्मों में नहीं किया किस सीन:शादी से पहले रखी शर्त, बेटियों को गोद लेने पर हुई आलोचना; जानें एक्ट्रेस के बड़े फैसले ‘मस्त मस्त गर्ल’ के नाम से मशहूर रवीना टंडन न सिर्फ अपनी एक्टिंग बल्कि बेबाक अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं। पहली ही फिल्म पत्थर के फूल से एक्ट्रेस को हिंदी सिनेमा में अलग पहचान मिल गई थी, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने सिद्धांतों और शर्तों पर ही काम किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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