शिल्पा के घर रेड की खबरों पर वकील का बयान:कहा-किसी भी तरह की इनकम टैक्स की कार्रवाई नहीं हुई, यह सिर्फ रूटीन चेकिंग थी

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एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर 60 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी मामले में इनकम टैक्स की रेड होने की खबरें गुरुवार को सामने आईं। हालांकि, शिल्पा शेट्टी की लीगल टीम ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि एक्ट्रेस के घर पर इनकम टैक्स की कोई रेड नहीं हुई है। गुरुवार को ही शिल्पा शेट्टी के वकील प्रशांत पाटिल ने बयान जारी कर कहा, “मैं अपनी क्लाइंट शिल्पा शेट्टी कुंद्रा की ओर से यह साफ करना चाहता हूं कि उनके खिलाफ किसी भी तरह की इनकम टैक्स रेड नहीं हुई है। इनकम टैक्स अधिकारी सिर्फ एक रूटीन चेकिंग के लिए आए थे।” उन्होंने आगे कहा कि जो लोग जानबूझकर यह दावा कर रहे हैं कि इस जांच का संबंध किसी कथित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के केस से है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें दावा किया गया था कि शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा से जुड़ी कंपनियों पर मुंबई, बेंगलुरु और पुणे समेत कई शहरों में इनकम टैक्स की कार्रवाई चल रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि यह मामला शिल्पा के रेस्टोरेंट ब्रांड बास्टियन से जुड़ा है। बता दें कि बेंगलुरु पुलिस ने हाल ही में दो पब्स पर कार्रवाई की थी, जिनमें शिल्पा शेट्टी की सह-स्वामित्व वाली ‘बास्टियन गार्डन सिटी’ भी शामिल है। इन पर तय समय से ज्यादा देर तक खुले रहने का आरोप है। बास्टियन पब की शुरुआत बास्टियन हॉस्पिटैलिटी ने की थी, जो बिजनेसमैन रंजीत बिंद्रा की कंपनी है। शिल्पा शेट्टी ने साल 2019 में इस बिजनेस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। शिल्पा और राज कुंद्रा दोनों जांच के दायरे में 60 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी मामले में राज और शिल्पा की जांच हो रही है। इस केस की जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मामले को लेकर बुधवार को पुलिस ने बताया कि अब इस हाई-प्रोफाइल कपल पर क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट के साथ-साथ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, पहले यह केस आईपीसी की धारा 406 (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट की सजा) के तहत दर्ज किया गया था। जांच के बाद इसमें धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति दिलवाने का आरोप) भी जोड़ दी गई है। यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत इसलिए दर्ज किया गया,क्योंकि शिकायत और कथित घटना भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने से पहले की है। कपल ने आरोपों को बेबुनियाद बताया वहीं, बुधवार को राज और शिल्पा ने बयान जारी कर उनके ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया था। राज कुंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा था, “हम अपने खिलाफ फैलाए जा रहे बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को पूरी तरह नकारते हैं। जिन बातों को उठाया जा रहा है, उन्हें बिना किसी कानूनी आधार के आपराधिक रंग दिया जा रहा है। हाई कोर्ट में क्वैशिंग पिटीशन दाखिल की जा चुकी है और उस पर सुनवाई बाकी है।” बयान में आगे कहा गया कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और उन्हें भरोसा है कि न्याय होगा। साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि मामला अदालत में पेंडिंग है, इसलिए संयम बरता जाए। शिल्पा शेट्टी ने भी यह बयान अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया था। बता दें कि इस मामले में 15 सितंबर 2025 को राज कुंद्रा आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के सामने पेश हुए थे। जहां उनसे करीब पांच घंटे तक पूछताछ हुई थी। वहीं, अक्टूबर 2025 में शिल्पा शेट्टी से चार घंटे से ज्यादा पूछताछ हुई थी। साथ ही कपल के खिलाफ विदेश यात्रा रोकने के लिए लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने LOC पर रोक के लिए 60 करोड़ रुपए जमा करने या बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया। क्या है 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला? अगस्त 2025 में मुंबई के एक बिजनेसमैन दीपक कोठारी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई थी। दीपक कोठारी के मुताबिक, उनकी मुलाकात 2015 में एजेंट राजेश आर्या के जरिए शिल्पा और कुंद्रा से हुई थी। उस समय दोनों बेस्ट डील टीवी के डायरेक्टर थे और शिल्पा के पास कंपनी के 87% से ज्यादा शेयर थे। शिकायत के अनुसार, एक मीटिंग में तय हुआ कि शिल्पा और राज कुंद्रा की कंपनी को दीपक लोन देंगे। कंपनी के लिए 75 करोड़ रुपए का लोन मांगा था, जिस पर 12% सालाना ब्याज तय हुआ। मामले में दीपक कोठारी का आरोप है कि बाद में शिल्पा और कुंद्रा ने उनसे कहा कि लोन पर टैक्स की परेशानी आ सकती है, इसलिए इसे इन्वेस्टमेंट के रूप में दिखाते हैं और हर महीने रिटर्न देंगे। अप्रैल 2015 में कोठारी ने करीब 31.95 करोड़ रुपए की पहली पेमेंट की। टैक्स से जुड़ी परेशानी जारी रहने पर सितंबर में दूसरी डील हुई और जुलाई 2015 से मार्च 2016 के बीच उन्होंने 28.54 करोड़ रुपए और ट्रांसफर किए। कुल मिलाकर उन्होंने 60.48 करोड़ रुपए दिए, साथ ही 3.19 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी के रूप में चुकाए। कोठारी का दावा है कि अप्रैल 2016 में शिल्पा ने उन्हें पर्सनल गारंटी भी दी थी, लेकिन उसी साल सितंबर में उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद शिल्पा की कंपनी पर 1.28 करोड़ रुपए का कर्ज न चुकाने का मामला सामने आया। कोठारी को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कई बार अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन कोई जवाब और पैसे नहीं मिले। पहले मामला जुहू पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत दर्ज हुआ। चूंकि रकम 10 करोड़ से ज्यादा थी, इसलिए जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है। EOW इस केस की जांच कर रही है।

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