सऊदी अरब में धूल भरी आंधी का कहर:रेत के बवंडर से ढक गया अल कासिम शहर; मक्का-रियाद में भारी बारिश की चेतावनी

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सऊदी अरब के अल कासिम इलाके में रविवार को धूल भरी आंधी ने पूरे शहर अपनी चपेट में ले लिया। इसकी वजह से पूरा आसमान धूल और रेत से ढक गया और दृश्यता 100 मीटर से भी कम हो गई। यह तूफान इतना भयानक था कि 1500 से 2000 मीटर की ऊंचाई तक धूल की दीवार बन गई। सऊदी नेशनल मेट्रोलॉजिकल सेंटर लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। इसके साथ ही जजान, असीर, अल बहा, मक्का, रियाद और अल कासिम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। 5 फुटेज में रेत का तूफान… क्यों आता है रेत का तूफान रेत का तूफान एक प्राकृतिक मौसमी घटना है, जो मुख्य रूप से रेगिस्तानी इलाके में होती है। गर्मी की वजह से इन इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, जिससे तेज हवाएं चलती हैं। गर्म हवाएं और अस्थिर मौसम रेत के तूफान को ट्रिगर करते हैं। कभी ठंडी और गर्म हवा के टकराव से भी तूफान उठता है। तूफान आने की प्रमुख वजहें… तेज हवाएं: रेत का तूफान आने की एक मुख्य वजह तेज हवाएं भी होती है। कभी कभी जब हवा की स्पीड 30-50 किमी/घंटा से ज्यादा होती है, तो इससे रेत और धूल उड़ने लगते हैं और आपस में इक्ट्ठा होकर तूफान का रूप ले लेते हैं। शुष्क मिट्टी और रेत: रेगिस्तानी इलाकों में नमी की कमी की वजह से मिट्टी और रेत ढीली और सूखी होती है। इससे हवा आसानी से रेत को उड़ा लेती है। ज्योग्राफिकल लोकेशन: मिडिल ईस्ट में मौजूद सहार और अरब के रेगिस्तान रेत के तूफानों के लिए ज्यादा संवेदनशील होते हैं। ये इलाके सूखे और खुले होते हैं, जहां बड़ी मात्रा में होती है। मानवीय गतिविधियां: मैदानों में जानवरों की चराई, वनों की कटाई और मिट्टी का कटाव से रेगिस्तानी इलाका का विस्तार होता है, जिससे रेत के तूफान आते हैं।

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