बताया गया है कि नायब तहसीलदार ने इस काम के बदले कुल 20,000 की मांग की थी। इसमें से 10,000 की पहली किश्त उन्होंने गत 15 दिसंबर 2025 को अग्रिम के तौर पर पहले ही ले ली थी। शेष 10,000 की राशि आज दी जानी थी। जब पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की, तो टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया और जाल बिछाया।
