बुंदेलखंड के लोग सदैव अपनी पहचान रखते हैं। लेकिन काल के प्रवाह में तकलीफ आई अपनी सीमित व्यवस्था के अंतर्गत पानी के अभाव में पलायन होने लगा। प्रधानमंत्री मोदी जी ने नदी जोड़ो अभियान व पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती ने भी इसके लिए बहुत लड़ाई लड़ी। बहुत प्रयास किए।
