छत्तीसगढ़ सरकार सरेंडर नक्सलियों का केस वापस लेगी। साय कैबिनेट की मीटिंग में बुधवार को मंजूरी मिली है। इसके लिए कैबिनेट सब कमेटी और जिला स्तरीय कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया है। अच्छे व्यवहार और नक्सल हिंसा छोड़ने वाले लोगों को राहत दी जाएगी। इसके साथ ही कानूनों को और सरल बनाने के लिए जन विश्वास विधेयक-2025 के दूसरे संस्करण को भी मंजूरी मिली। इसके तहत 11 विभागों के 14 अधिनियमों के 116 प्रावधानों में बदलाव करके छोटे उल्लंघनों पर प्रशासनिक सजा और तेज निपटारे की व्यवस्था की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए इसे सरलीकरण किया जाएगा। साथ ही प्रथम अनुपूरक अनुमान 2025-26 के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक को भी स्वीकृति दी गई।छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां जन विश्वास विधेयक का द्वितीय संस्करण लाया जा रहा है। कैसे काम करेगी जिला-स्तरीय समिति सरेंडर करने वाले नक्सलियों के खिलाफ केस वापस लेने की प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक जिला-स्तरीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति सरेंडर करने वाले नक्सली के खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेने के संबंध में पुलिस मुख्यालय को एक रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस मुख्यालय अपनी सिफारिशों के साथ प्रस्ताव आगे बढ़ाएगा। कानून विभाग की राय लेने के बाद, सरकार मामलों को कैबिनेट उप-समिति के सामने पेश करेगी। उप-समिति के सुझाए गए मामलों को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। केंद्रीय कानूनों या केंद्र सरकार से संबंधित मामलों के लिए भारत सरकार से जरूरी अनुमति ली जाएगी। अन्य मामलों को अदालत में सरकारी वकील के जरिए केस वापस लेने की कार्रवाई के लिए जिला मजिस्ट्रेट को भेजा जाएगा। इसके पहले कैबिनेट बैठक में लिए गए थे ये अहम निर्णय ग्राफिक्स के जरिए पढ़िए साय कैबिनेट के पुराने फैसले …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर स्टेडियम को लीज पर चलाएगा छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ: धान खरीदी के लिए 15,000 करोड़ की गारंटी, पढ़िए साय कैबिनेट के 7 बड़े फैसले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में 7 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इनमें नवा रायपुर क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
