खैरागढ़ जिले में प्रस्तावित श्री सीमेंट लिमिटेड की सण्डी लाइमस्टोन ब्लॉक खनन परियोजना की जनसुनवाई आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई है। यह सुनवाई 11 दिसंबर को बुंदेली स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे मैदान में दोपहर 12 बजे होनी थी। जिला प्रशासन ने अचानक यह निर्णय लिया है। कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया गया है और कहा गया है कि नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी। यह स्थगन ऐसे समय हुआ है जब पिछले कुछ दिनों से छुईखदान क्षेत्र में परियोजना को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। 40 से अधिक गांवों के किसान इस खनन परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यह प्रोजेक्ट खेती योग्य जमीन, पेयजल स्रोतों और पर्यावरण पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। पिछले सप्ताह एक शांतिपूर्ण रैली के दौरान छुईखदान एसडीएम कार्यालय के बाहर अचानक तनाव बढ़ गया था। भीड़ में घुसे कुछ उपद्रवियों की ओर से बैरिकेड तोड़ने के बाद स्थिति बिगड़ गई, जिसके कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना के बाद से क्षेत्र में आंदोलन और प्रशासन की सतर्कता दोनों बढ़ गई थीं। किसानों का आरोप- कंपनी फैला रही भ्रामक जानकारी किसान नेताओं का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन और गांवों के भविष्य पर खतरे के बावजूद कंपनी गुमराह करने वाली जानकारी फैला रही है। वहीं, श्री सीमेंट कंपनी का कहना है कि कुछ लोग विरोध भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। परियोजना से होने वाले विकास, रोजगार और सुविधाओं की जानकारी ग्रामीणों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही है। जनसुनवाई स्थगन को किसानों ने बताया ‘आंशिक जीत’ जनसुनवाई स्थगित होने को किसानों ने अपनी “आंशिक जीत” बताया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि स्थगन सिर्फ पहला कदम है और परियोजना पूरी तरह वापस लिए जाने तक उनका विरोध जारी रहेगा। परियोजना पूर्ण वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा दूसरी ओर कंपनी और प्रशासन नई तिथि घोषित होने तक क्षेत्र में स्थिति शांत रखने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, लोक सुनवाई स्थगित होने के बाद क्षेत्र में तनाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन परियोजना को लेकर विवाद अभी भी बरकरार है। अगला कदम प्रशासन की ओर से घोषित नई तिथि पर निर्भर करेगा।
