छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। एनकाउंटर में 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है। भेज्जी और चिंतागुफा थाना क्षेत्र में एनकाउंटर हुआ है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि भेज्जी और चिंतागुफा इलाके के जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी सूचना के आधार पर DRG के जवानों को सर्च ऑपरेशन पर निकाला गया था। वहीं रविवार सुबह जवान जब उसे इलाके में पहुंचे तो वहां मौजूद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों की गोलियों का जवाब दिया। वहीं, बड़ी मात्रा में हथियार बरामद होने की भी खबर है। 4 दिन पहले मारे गए 6 नक्सली बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में 11 नवंबर को हुए मुठभेड़ में 3 महिला समेत 6 नक्सली मारे गए थे। जिसमें मद्देड़ एरिया कमेटी का इंचार्ज बुच्चन्ना और दूसरे शीर्ष नक्सल लीडर पापाराव की पत्नी उर्मिला भी शामिल है। लेकिन पापाराव इस बार भी जान बचाकर भागने में कामयाब रहा। 27 लाख के इनामी थे ऑपरेशन की सफलता के बाद नक्सलियों के शवों को जिला मुख्यालय लाया गया। DRG के जवान नक्सलियों के शव ढोकर लाते दिखाई दिए। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सभी पर कुल 27 लाख का इनाम था। 3 जगह की एरिया कमेटी खाली भैरमगढ़ एरिया कमेटी का इंचार्ज कमलू के सरेंडर करने से ये एरिया खाली हो गया। गंगालूर एरिया कमेटी का इंचार्ज दिनेश मोढियम के सरेंडर करने से ये एरिया भी खाली हो गया। अब मद्देड़ का इंचार्ज बुच्चन्ना मारा गया। इससे तीनों एरिया कमेटी खाली हो गया है। बताया जा रहा है जिले में अब बस 1-2 एरिया ही बचे हैं। जहां नक्सली मौजूद है। नक्सली संगठन का फॉर्मेट- 54 में से सिर्फ 10 टॉप नक्सली ही बचे नक्सली संगठन का भी अपना एक फॉर्मेट है। इसमें सबसे ऊपर पोलित ब्यूरो होता है। उनके नीचे सेंट्रल कमेटी और उनके नीचे जोन और डिवीजन होते हैं। 10 महीने में चल रहे ऑपरेशन से नक्सली अब केवल बीजापुर की तरफ ही सिमटकर रह गए हैं। बीजापुर एसपी डॉ जितेंद्र यादव ने बताया कि, फोर्स के टार्गेट में नक्सली लीडर्स हैं। देवजी, हिड़मा को लेकर भी इनपुट्स हैं। अब इनके पास जान बचाने के लिए सरेंडर का ही विकल्प है। जो भी बीच में आएगा, वह मारा जाएगा। पुलिस अधिकारियों का दावा- देवजी-हिड़मा हथियार नहीं डालेंगे भास्कर को इंटेलिजेंस अफसर और सरेंडर नक्सलियों ने बताया कि, जब से कर्रेगुट्टा में ऑपरेशन चल रहा है, तब से देवजी और हिड़मा इसी की पहाड़ियों-जंगल में छिप गए हैं। बिना वर्दी-हथियार के, जिससे पहचाने न जाएं, क्योंकि पुलिस के पास इनकी लेटेस्ट फोटो नहीं है। उन्होंने इसी जंगल में गोला-बारूद छिपा रखा है। तेलंगाना कमेटी के सदस्य भी यहीं रहते हैं। नक्सली जंगलों में 31 मार्च 2026 की डेडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है इसके बाद ऑपरेशन बंद हो जाएगा। फिर ये संगठन को मजबूत करने में सक्रिय होंगे। पुलिस के उच्च अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि, देवजी-हिड़मा हरगिज सरेंडर नहीं करेंगे, अंत तक लड़ेंगे। अगर, इन्होंने सरेंडर कर दिया तो भूपति, रूपेश जैसे इन्हें भी गद्दार कहा जाएगा। ………………………………… इससे संबंधित ये खबर भी पढ़ें… बीजापुर एनकाउंटर…बुच्चन्ना और पापाराव की पत्नी समेत 6 नक्सली ढेर: 27 लाख के इनामी थे, कर्रेगुट्टा-पहाड़ पहुंची भास्कर की टीम, यहीं छिपे हिड़मा-देवजी,नहीं करेंगे सरेंडर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में 11 नवंबर को हुए मुठभेड़ में 3 महिला समेत 6 नक्सली मारे गए। जिसमें मद्देड़ एरिया कमेटी का इंचार्ज बुच्चन्ना और दूसरे शीर्ष नक्सल लीडर पापाराव की पत्नी उर्मिला भी शामिल है। लेकिन पापाराव इस बार भी जान बचाकर भागने में कामयाब रहा। पढ़ें पूरी खबर…
