सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के आरोप में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह तोमर को रायपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा है। वीरेंद्र तोमर बीते 151 दिन से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। वीरेंद्र तोमर को सड़क के रास्ते पुलिस रायपुर ला रही है। वहीं वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अब भी फरार है। रोहित तोमर की तलाश में टीम जुटी हुई है। रायपुर पुलिस के अधिकारी आज रविवार को आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा करेंगे। जानिए कौन है वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर रायपुर का आदतन अपराधी है। आरोप के अनुसार अपने छोटे भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी का काम करता है। आरोपी कर्जदारों से मूलधन से ज्यादा ब्याज वसूलते और पैसे नहीं देने पर मारपीट करते। वीरेंद्र सिंह तोमर पर पहला मामला 2006 में दर्ज हुआ था। पुलिस ने इसे आदतन अपराधियों की लिस्ट में डाला है। वीरेंद्र के खिलाफ 6 से ज्यादा अलग-अलग थानों में केस दर्ज है। इनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट के केस शामिल है। अब जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, करीब 5 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। FIR के बाद से रोहित तोमर फरार हो गया। रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के घर की तलाशी ली तो उसके घर में अवैध हथियार पुलिस को मिला था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह के ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। करीबियों के घर से जब्त किया था सोना-दस्तावेज वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर की फरारी के बाद पुलिस ने उनका पता लगाने के लिए उनके करीबियों के ठिकानों में रेड मारी थी। पुलिस ने करीबियों के घरों में छापेमारी के दौरान 40 करोड़ से अधिक की रजिस्ट्री के दस्तावेज, साढ़े तीन करोड़ का सोना और 10 लाख की चांदी जब्त की है। जांच में बैंक पासबुक, चेक और एटीएम भी मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि यह संपत्ति उन लोगों की है, जिन्होंने तोमर ब्रदर्स से सूद पर पैसे लिए थे। बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए उनकी संपत्ति के दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए। महिलाओं के नाम पर ब्लैंक चेक लेते थे तोमर ब्रदर्स रोहित और वीरेंद्र जब भी किसी को पैसा देते, चाहे 50 हजार रुपए क्यों न हो। उसके बदले में ब्लैंक चेक लेते थे। उसमें हस्ताक्षर करवाते और अंगूठा भी लगवाते। फिर लोगों को दबाव बनाकर उनकी जमीन, मकान, दुकान और गाड़ी अपने नाम कर लेते। हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी रायपुर में रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, दोनों की पत्नियों और भतीजे की अग्रिम जमानत मंजूर की है। सरकारी वकील ने अदालत में तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत का विरोध किया। सरकारी वकील ने बताया कि दोनों भाइयों का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है और उन पर लगभग 16 मामले दर्ज हैं। सरकारी वकील के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। वीरेंद्र तोमर के खिलाफ 6 से ज्यादा केस दर्ज रोहित तोमर पर 9 से ज्यादा मामले दर्ज सूदखोर रोहित तोमर के खिलाफ राजेंद्र नगर, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, कोतवाली और गुढ़ियारी में 9 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपी सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेल के मामले में जेल भी जा चुका है। सूदखोर रोहित गोल्डन मैन के नाम से जिले में मशहूर है। रसूखदारी बनी रहे, इसलिए आरोपी अपने गिरोह के साथ समय-समय पर कार्यक्रमों में भी दिखता था। …………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तोमर-ब्रदर्स केस…मां बोली- खारुन आरती से दुश्मन बना लिए:छोटा बेटा संगत में बर्बाद हुआ; जानिए अंडे के ठेले से कैसे बनाई करोड़ों की संपत्ति रायपुर के सूदखोर तोमर ब्रदर्स के साथ अब पूरे परिवार पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। हालांकि वीरेंद्र और रोहित तोमर फरार हैं, दोनों की तलाश पुलिस कर रही है। इस बीच दैनिक भास्कर की टीम तोमर बंधुओं के आलीशान बंगले पहुंची। तोमर बंधुओं से अपनों ने भी किनारा कर लिया है। 5 हजार स्क्वायर फीट से ज्यादा एरिया में फैला यह बंगला वीरान था। पढ़ें पूरी खबर…
