जल ही जीवन है, जल है तो कल है जैसे तमाम नारे और जुमले हम बरसों से पढ़ते-सुनते आए हैं। बात सही भी है। पानी के बिना जीवन की कल्पना नहीं लेकिन इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा जब कंठों की प्यास बुझाने वाला पानी ही ज़हर बन जाए और जिंदगियां लील ले। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ऐसा ही हुआ है।
