गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर हमास ने शनिवार को कहा है कि वह आजाद फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनने तक हथियार नहीं छोड़ेगा। हमास 2007 से गाजा पर नियंत्रण रखता है। समूह ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ की बातों का जवाब दे रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हमास हथियार डालने के लिए तैयार है। इजराइल पर दबाव बढ़ाने के लिए हमास ने शनिवार को, दो दिनों में 24 साल के इजराइली बंधक एव्यातार डेविड का दूसरा वीडियो जारी किया। इसमें, डेविड काफी कमजोर और एक गड्ढा खोदता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके बारे में वह वीडियो में कहता है कि वह अपनी कब्र के लिए गड्ढा खोद रहा है। डेविड के परिवार ने हमास पर क्रूर प्रचार और बंधकों को भूखा रखने का आरोप लगाया, साथ ही इजराइल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हमास के जारी किए गए वीडियो के फुटेज देखिए… डेविड वीडियो में कहता है… लग रहा है, मैं अपनी कब्र के लिए गड्ढा खोद रहा हूं। मेरा शरीर दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है। मैं सीधे अपनी कब्र की ओर जा रहा हूं, शायद मुझे यहीं दफना दिया जाएगा। मेरा समय खत्म हो रहा है। मैंने कई दिनों से कुछ खाया भी नहीं है। मैं लंबे समय से बहुत बुरी परिस्थिति में रह रहा हूं। इजराइल में बंधकों की रिहाई की मांग तेज हमास हमले के दौरान 7 अक्टूबर, 2023 को 251 इजराइली बंधक बनाए गए थे। इसमें 49 अभी भी गाजा में बंधक हैं, डेविड इनमें से ही एक है। वहीं, इजराइली सेना का कहना है कि 49 में से 27 मर चुके हैं। हमास ने बंधक के वीडियो में भुखमरी के मुद्दे को भी शामिल किया है और चेतावनी दी है कि बंधक भूख से मर रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद तेल अवीव में बंधकों के समर्थन में रैली आयोजित की गई। लोग पोस्टर लेकर एकत्र हुए थे और उनकी तत्काल रिहाई के लिए मांग कर रहे थे। डेविड के भाई ने रैली में कहा- वे पूरी तरह से मौत के कगार पर है, इस स्थिति में, उसके पास जीने के लिए केवल कुछ ही दिन बचे हैं। एक बयान में डेविड के परिवार ने उनके बेटे तक भी सहायता पहुंचाने की मांग की है। वहीं, इजराइल रक्षा बल (IDF) के लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर हमास बंधक बनाए गए लोगों को जल्दी नहीं छोड़ेगा तो गाजा में लड़ाई में कोई राहत नहीं मिलेगी। इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि ‘दुनिया उन कठिन तस्वीरों के सामने चुप नहीं रह सकती जो बंधकों के साथ जानबूझकर किए गए क्रूर दुर्व्यवहार का परिणाम हैं।’ इजराइल की मांग- हमास हथियार डाले कतर और मिस्र की मध्यस्थता में पिछले हफ्ते गाजा-इजराइल के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत बेनतीजा रही। हमास और इजराइल के बीच इजरायली सैनिकों की वापसी, गाजा में सहायता वितरण और स्थायी युद्धविराम जैसे मुद्दों पर गहरे मतभेद बने हुए हैं। रॉयटर्स के मुताबिक इजराइल ने हमास के हथियार डालने और गाजा में उसके शासन के अंत पर जोर दिया, जबकि हमास ने इजराइली सेना की पूर्ण निकासी और फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता की मांग रखी। अमेरिकी दूत इजराइल दौरे पर, सहायता केन्द्र का दौरा किया गाजा-हमास पर चर्चा के लिए अमेरिकी मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ 31 जुलाई को इजराइल पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। यह उनका छह महीने में पहला इजराइल दौरा है। विटकॉफ और अमेरिकी राजदूत माइक हकबी ने 1 अगस्त को गाजा में अमेरिका-इजराइल समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) के एक सहायता वितरण स्थल का दौरा भी किया। द गार्जियन के अनुसार, विटकॉफ ने गाजा में पांच घंटे बिताए और कहा कि वह गाजा की मानवीय स्थिति का आकलन कर एक सहायता योजना तैयार करने में मदद करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा कि विटकॉफ और हकबी गाजा में स्थानीय लोगों से मिले और सहायता वितरण को बेहतर बनाने की योजना पर चर्चा की। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने इस दौरे को प्रचार स्टंट करार दिया, क्योंकि जीएचएफ स्थलों पर हिंसा और गोलीबारी की घटनाएं आम हैं। हमास ने इजराइल का प्रस्ताव ठुकराया विटकॉफ ने नेतन्याहू के साथ एक ऑल-इन डील पर चर्चा की, जिसमें सभी बंधकों की एकमुश्त रिहाई और हमास का हथियार डालना शामिल है। इजराइल ने बुधवार को मध्यस्थों को एक नया प्रस्ताव भेजा, जिसमें 60 दिन का युद्धविराम और बंधक-कैदी आदान-प्रदान शामिल है, लेकिन हमास ने इससे इनकार कर दिया, क्योंकि इसमें पूर्ण सैन्य वापसी और गाजा पर नियंत्रण की शर्तें शामिल नहीं थीं। हमास ने इस प्रस्ताव को इजराइली हठ करार दिया। गाजा में मानवीय संकट संयुक्त राष्ट्र ने रविवार को चेतावनी दी कि गाजा में भुखमरी अब नियंत्रण से बाहर है। हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को 24 घंटों में कुपोषण से सात लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से कुपोषण से मरने वालों की संख्या 170 हो गई है, जिनमें 95 बच्चे हैं। गाजा में कुल 62 हजार से अधिक लोग मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मई 2025 से जीएचएफ के सहायता स्थलों के पास 1,353 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से कई भोजन की तलाश में थे। फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन ने हाल ही में फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की घोषणा की है। फ्रांस ने कहा कि वह सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसे औपचारिक रूप देगा। ब्रिटेन ने कहा कि वह सितंबर तक इजराइल के सहायता प्रतिबंध हटाने और युद्धविराम पर सहमति न देने पर ऐसा करेगा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि हमास शांति नहीं चाहता, बल्कि ‘मरना चाहता है।’ उन्होंने इजराइल से गाजा में ‘मकसद पूरा करने’ और सैन्य अभियान तेज करने को कहा है। ट्रम्प ने कहा, ‘अब वक्त आ गया है कि इजराइल हमास का सफाया करे। उन्हें इसे साफ करना होगा।’ यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्यस्थता से अलग हो गया है। ———————————————— ये खबर भी पढ़ें… गाजा में भुखमरी पर पहली बार बोले ट्रम्प: कहा- तस्वीरें बहुत भयावह, इजराइल को अब जंग पर फैसला लेना होगा; नेतन्याहू बोले- कोई भुखमरी नहीं गाजा में जंग से फैली भुखमरी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहली बार बयान दिया है। स्कॉटलैंड के दौरे पर गए ट्रम्प ने गाजा से सामने आ रही भूख से जूझते बच्चों की तस्वीरें बेहद भयानक बताया हैं। पूरी खबर पढ़ें…
