बुधवार को हॉन्गकॉन्ग के उत्तरी ताई पो जिले में एक रिहायशी कॉम्प्लेक्स की कई ऊंची इमारतों में भीषण आग लग गई। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक इस हादसे में चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 9 लोग घायल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आग एस्टेट की कम से कम तीन इमारतों तक फैल गई थी। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इमारत के अंदर अब भी कई लोग फंसे हुए हैं, लेकिन उनकी सटीक संख्या पता नहीं चल पाई है। हादसे के बाद की 6 फोटोज… कॉम्पलेक्स में चल रहा था मरम्मत का काम वांग फुक कोर्ट न्यू टेरिटरीज के ताई पो इलाके में बना एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स है, जहां इस समय मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है। इस एस्टेट में 1,984 फ्लैट हैं और यहां करीब 4,000 लोग रहते हैं। हॉन्गकॉन्ग सरकार ने कहा है कि वांग फुक कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लगी आग के बाद अस्थायी शेल्टर खोले गए हैं। ये शेल्टर क्वॉन्ग फुक कम्युनिटी हॉल और तुंग चेओंग स्ट्रीट लीजर बिल्डिंग में बनाए गए हैं। इसके अलावा ऐलिस हो मियू लिंग नेथरसोले अस्पताल में एक हेल्प डेस्क बनाया गया है, ताकि लोगों को मदद और जानकारी दी जा सके। सरकार ने कहा कि ताई पो जिला कार्यालय हालात पर कड़ी नजर रख रहा है और जरूरत होने पर और शेल्टर खोले जाएंगे। फायर विभाग ने बताया कि मरने वालों में एक फायरफाइटर भी शामिल है। विभाग ने रॉयटर्स को बताया कि यह पता नहीं चल पाया है कि कॉम्प्लेक्स के अंदर कितने लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं। स्थानीय पब्लिक ब्रॉडकास्टर RTHK ने पुलिस के हवाले से बताया कि कई लोग अब भी टावरों में फंसे हुए हैं। बांस के इस्तेमाल पर धीरे-धीरे रोक लगा रही सरकार ऊंची इमारतों वाला यह कॉम्प्लेक्स बांस की मचान (बांस स्कैफोल्डिंग) से ढका हुआ है। बांस का यह मचान स्टील स्कैफोल्डिंग का एक विकल्प है, जिसे निर्माण कार्य में इसलिए ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह हल्की और बहुत मजबूत होती है। इसे ले जाना और ऊंचाई तक पहुंचाना आसान होता है। बांस की लंबी पोलें आसानी से जोड़ी जा सकती हैं, जिससे बड़ी इमारतों के चारों तरफ मचान जल्दी खड़ी हो जाती है। हॉन्गकॉन्ग बांस के मचान के उपयोग के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसे बनाने के लिए बांस की लंबी पोलों को नायलॉन फास्टनर से बांधकर खड़ा किया जाता है। स्टील की मचान की तुलना में यह सस्ता विकल्प होता है। हालांकि बांस में अगर एक बार आग लग जाए तो यह जल्दी जलता है और लपटें तेजी से ऊपर की ओर फैलती हैं। यही वजह है कि सरकार का विकास ब्यूरो (डेवलपमेंट ब्यूरो) सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए बांस के मचान के इस्तेमाल को धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश कर रहा है।
