इन शोधों पर अब राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लाभ मिलेगा। केंद्रीय स्पार्क योजना के तहत शोध के लिए देशभर के करीब 300 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें 50 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। छात्रा अंशिका तोमर ने अनुवांशिक मधुमेह के कारणों पर शोध किया। वहीं, छात्रा हिमानी सोनी ने 11 औषधियों का किया उल्लेख किया।
