ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में जाते हैं, तो सूर्य की तपिश कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। धार्मिक मान्यता है कि अगर नौतपा के इन 9 दिनों में बारिश नहीं होती, तो उस साल बारिश भी जोरदार होती है। रोहिणी नक्षत्र को तेज हवाओं से जोड़कर देखा जाता है।
