दुर्ग जिले में 40 से अधिक रेलकर्मियों से 77 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। रेलवे के चतुर्थ श्रेणी गैंगमैन राहुल कुमार ने अपने सहकर्मियों को शेयर बाजार में उच्च मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये जमा कराए और फिर अपनी पत्नी के साथ फरार हो गया। यह घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि राहुल कुमार ने अपने सहकर्मियों को शेयर मार्केट में निवेश पर “हाई रिटर्न” का झांसा दिया था। वह प्रति लाख रुपये निवेश पर 10 हजार रुपये मासिक और 10 लाख रुपये निवेश पर 1 लाख रुपये मासिक रिटर्न का वादा करता था। शुरुआत में उसने छोटे निवेशकों को लगभग एक साल तक नियमित भुगतान किया, जिससे कर्मचारियों का विश्वास मजबूत हुआ। डोंगरगढ़ से बिलासपुर तक के रेलकर्मियों को ठगा विश्वास होने के बाद, राहुल ने बड़े निवेश आकर्षित करना शुरू किया। डोंगरगढ़ से बिलासपुर तक कार्यरत कई रेलकर्मियों ने 3 लाख, 5 लाख, 10 लाख और 15 लाख रुपये तक का निवेश किया। चूंकि राहुल खुद रेलवे का कर्मचारी था और पीड़ित उसे लंबे समय से जानते थे, इसलिए किसी को उसकी योजना पर संदेह नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, लाखों रुपये जमा करने के बाद राहुल अचानक गायब हो गया। उसकी पत्नी भी उसके साथ फरार है। उसे आखिरी बार रायपुर एयरपोर्ट पर देखा गया था, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद है और उसकी कोई लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। इस मामले में रेलवे कर्मचारी संघ ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और बैंक खातों, लेनदेन और कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। ठगी का यह मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है क्योंकि एक सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने ही विभाग के साथियों को निशाना बनाया गया है। पीड़ितों का कहना है कि कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर निवेश किया था। सभी ने उम्मीद जताई है कि पुलिस जल्द आरोपी तक पहुंचेगी और रकम की रिकवरी होगी।
