छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर अपना मिजाज बदला है। भीषण गर्मी झेल रहे प्रदेशवासियों को अब तेज अंधड़, गरज-चमक और बारिश का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने 17 से 21 मई तक के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इसमें 7 जिलों को ऑरेंज अलर्ट, जबकि 11 जिलों को यलो अलर्ट में रखा है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और बौछारें पड़ने की संभावना है। खासकर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा दिखेगा। वहीं तापमान की बात करें तो बिलासपुर 41.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि जगदलपुर 23.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। मौसम विभाग का ऑरेंज और यलो अलर्ट 17 मई इन जिलों में अलर्ट – अंधड़ और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी ऑरेंज अलर्ट – बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, बालोद, धमतरी और गरियाबंद यलो अलर्ट – गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, महासमुंद, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा 18 मई – मुंगेली जिले को छोड़कर, प्रदेश के सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट 19 मई – पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अंधड़ और गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट 20 मई – पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अंधड़ और गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट 21 मई – पूरे प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटे इन जगहों में हुई बारिश बीते 24 घंटे में बस्तर संभाग के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश भोपालपट्टनम में 5 सेमी दर्ज की गई। इसके बाद तोकापाल में 4 सेमी, बालोद और नगरी में 3-3 सेमी, छोटेडोंगर, नानगुर, दरभा में बारिश हुई। इसके साथ ही सरोना में 2-2 सेमी तो बकावंड, मैनपुर और कांकेर में 1-1 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इस बारिश ने गर्मी से बेहाल लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी है। रायपुर में मौसम का हाल रायपुर में दिन का तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 1.5 डिग्री कम रहा। सुबह और शाम को काफी नमी रही। सुबह 64% और शाम को 41% रही। राजधानी में 60% बादल छाए रहे और गर्मी से कुछ राहत मिली। देर शाम तक मौसम बदला और कई इलाकों में बारिश भी हुई। मौसम विभाग का कहना है कि 17 मई को रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 41°C और न्यूनतम 28°C रहने का अनुमान है। अगले 2 दिन गरज चमक की स्थिति ज्यादा मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी कंटिभोटला ने बताया कि बस्तर संभाग में बिजली गिरने के साथ और गरज चमक की संभावना बढ़ने वाली है। ऐसी स्थिति अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में देखने को मिलेगी। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ में ऐसी स्थिति थोड़ी कम रहेगी, लेकिन प्रदेश में गरज चमक के साथ बिजली गिरने के गतिविधियां बढ़ेंगी। क्या अलर्ट है आने वाले दिनों के लिए? मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक,अगले 2 दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके बाद 3 दिन और ऐसा ही मिजाज रहने वाला है। बस हवाएं थोड़ी धीमी (40-50 किमी/घंटा) हो सकती हैं। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान बाढ़ और आपदा से निपटने 182.16 करोड़ जारी छत्तीसगढ़ में महीने भर बाद बारिश शुरू होने की संभावना है। इसके पहले ही सरकार मुस्तैद हो गई है। सरकार ने बाढ़ और आपदा से निपटने के लिए हर जिले को 5.52-5.52 करोड़ रुपए के हिसाब से 182.16 करोड़ राज्य आपदा मोचन निधि से दिए हैं। इससे विपत्ति से प्रभावित व शोक संतप्त परिवारों को राहत, डूबने, खदान धंसकने, रसोई गैस फटने या बिजली गिरने से मृत्यु पर राहत राशि दी जाएगी। किसानों को पशु खरीदने, मकान मरम्मत, ओला प्रभावितों को भी सहायता मिलेगी। जरूरत पड़ने पर सेना की मदद भी ली जाएगी। विभाग ने पिछले साल बाढ़ और प्राकृतिक आपदा , ओला वृष्टि आदि की भरपाई के लिए लोगों को करीब 400 करोड़ रुपए की मदद बांटी थी। इस बार भी जरूरत पड़ने पर सरकार और राशि देगी। ये प्रारंभिक राशि जिलों को इसलिए दी गई है, ताकि तत्काल किसी तरह की आपदा में जरूरत पड़ने पर परेशानी न हो। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिल्ली ने भी राज्यों को बाढ़ और अतिवृष्टि से बचाने के लिए नई गाइड-लाइन जारी की है। राहत आयुक्त एवं विभाग के सचिव अविनाश चंपावत ने रोज की रिपोर्ट कलेक्टरों से तलब की है। महत्वपूर्ण नंबर
