वेस्टर्न डिस्टरबेंस से छत्तीसगढ़ में मई में अंधड़ और ओले-बारिश का दौर चल रहा है। अगले 3 दिन यानी 6 मई तक कुछ इलाकों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। गरज-चमक के साथ ओले गिर सकते हैं, कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती है। बादल, बारिश और तेज हवाओं से प्रदेश के तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट आई है। वहीं प्रदेश में 24 घंटे पहले आई आंधी से रायपुर, भिलाई समेत कई जिलों में बिजली सप्लाई ध्वस्त रही। व्यवस्था बहाल करने के लिए पावर कंपनी का मैदानी अमला जुटा रहा। शुक्रवार शाम तक करीब 80% व्यवस्था बहाल हो पाई, जबकि देर रात तक बची हुई 20% शिकायतों का निराकरण चलता रहा। आंधी-बारिश से रबी की फसल, सब्जियों और फलों में खासकर आम पर पड़ा। भिलाई में पपीते, केले और चीकू की 500 एकड़ खेती प्रभावित हुई है। क्यों बदल रहा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के पास एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है। वहीं दूसर ट्रफ लाइन हरियाणा से केरल तक फैला है जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ में मौसम बदला हुआ है। तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। यानी गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन गरज-चमक और बारिश से थोड़ी राहत जरूर महसूस होगी। जानिए, बिजली व्यवस्था के अलावा इसका क्या असर गरियाबंद, भाटापारा, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार में बड़े पैमाने पर पेड़ गिरे हैं। गुरुवार की शाम से क्षतिग्रस्त पावर सप्लाई सिस्टम की मरम्मत करने का काम चल रहा है। अधिकांश जगहों पर मेंटनेंस वर्क हो चुका है। निजी शिकायतों का निराकरण शुक्रवार देर शाम तक किया गया। -भीम सिंह कंवर, एमडी पावर वितरण कंपनी बारिश, ओले और अंधड़ से रबी फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा रहा। खेत में खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इसके अलावा फलों में आम, केला, पपीता को भी खासा नुकसान हुआ है। भाजियां और लोकल सब्जियां भी आंधी-बारिश से खराब हुई हैं। – डॉ. जीके दास, कृषि मौसम विज्ञानी रायपुर में पड़ सकती हैं बौछारें आज बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दिन का तापमान 39 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री रह सकता है।
