7 महीने की प्रेग्नेंट प्रेमिका को पीट-पीटकर मार-डाला…VIDEO:बच्चे की भी मौत, शरीर पर 40-50 डंडे के निशान; ढुकू प्रथा के तहत घर लाया था

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लिव इन रिलेशन में रह रही 7 महीने की गर्भवती प्रेमिका की उसके प्रेमी ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मां के पेट में पल रहे नवजात की भी मौत हो गई। युवक के शराब पीने से परेशान होकर युवती उसे बिना बताए मायके चली गई थी। जिससे वह नाराज था। आरोपी युवती को ढुकू प्रथा के तहत घर लाया था। अब पिटाई करते हुए वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वह डंडे से प्रेमिका को पीटते दिख रहा है। घटना के दौरान लोगों ने मारपीट करते देखा। उसका वीडियो भी बनाया, लेकिन कोई भी उसे बचाने नहीं आया। पंचनामा के दौरान शरीर पर 40 से ज्यादा डंडे के निशान मिले हैं। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक ग्राम जजगा निवासी राजीव दास महंत (30) का गांव की ही युवती मनबसिया माझी (28) से प्रेम संबंध था। इस क्षेत्र में ढुकू प्रथा प्रचलित है। ढुकु का आदिवासी समाज में अर्थ घर में प्रवेश करना होता है। दोनों करीब 2 सालों पहले साथ रहने लगे। परिजनों से अलग रहते हुए राजीव दास ने एक किराना की दुकान खोली थी। राजीव की अनुपस्थिति में दुकान का संचालन मनबसिया करती थी। मनबसिया 7 महीने की प्रेग्नेंट थी। राजीव दास के शराब पीने को लेकर दोनों के बीच विवाद होता था। बिना बताए गई मायके, प्रेमी ने मार डाला शुक्रवार 7 नवंबर को राजीव दास गांव की ओर गया था। वह दोपहर करीब 2 बजे घर लौटा तो दुकान और घर का दरवाजा खुला था। घर में मनबसिया नहीं थी। पूछताछ में पता चला कि वह मायके चली गई है। उसे पड़ोसी पर भी शक था कि वह मनबसिया को उसके खिलाफ भड़काता है। इससे नाराज होकर राजीव दास 2 किलोमीटर दूर अपने ससुराल पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर घर ले आया। घर वापस आने पर पहले तो राजीव दास ने महिला को कमरे के बाहर डंडे से पीटा। फिर बंद कमरे में उसकी बेरहमी से पिटाई की। जब मनबसिया बेहोश हो गई तो उसे कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगाकर राजीव भाग गया। जब देर रात तक घर से कोई आवाज नहीं आई तो पड़ोसियों ने 112 डायल को सूचना दी। गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत मौके पर पहुंची 112 और 108 की टीम ने ताला तोड़कर घर में अंदर प्रवेश किया तो मनबसिया मृत पड़ी थी। आरोपी ने युवती को इतना पीटा था कि गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दूसरे दिन जब शव का पोस्टमॉर्टम कराया। डॉक्टरों ने मृत बच्चे को मां के गर्भ से बाहर निकाला। इस मामले में पुलिस ने आरोपी राजीव दास को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया था। जिसे कोर्ट से जेल भेज दिया गया है। अब जानिए ढुकू प्रथा क्या है ? ढुकु का अर्थ आदिवासी समाज में घर में प्रवेश करना है। शादीशुदा पुरुष एक पत्नी के रहते हुए, दूसरी महिला को पत्नी के रूप में ढुकू ले आता है। शादीशुदा महिला भी पति के रहते हुए दूसरे पुरुष को पति मानकर पत्नी के रूप में ढुकू चली जाती है। ढुकू भी 2 तरह के होते हैं। जैसे- अविवाहित महिला या पुरुष किसी, किसी अविवाहित महिला या पुरुष से शादी करता है, यह सिंगल ढुकू कहलाता है। डबल ढुकू यानी शादीशुदा महिला या पुरुष का दूसरी शादी करना। …………………………………….. इससे से संबंधित यह खबर भी पढ़िए… आदिवासियों की ढुकू प्रथा…पति-पत्नी करते हैं दूसरी शादी: अंबिकापुर में 22 पंचायतों के 200 बच्चे प्रभावित; पिता के साए और मां की ममता से दूर छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की ढुकू प्रथा के दंश से नाबालिगों की जिंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है। अंबिकापुर जिले में एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की तरफ से इस कुप्रथा पर किए गए सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। पढ़ें पूरी खबर

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