भाजपा ने मध्य प्रदेश के 60 जिलों में से सिर्फ दो जिलों (विदिशा और उज्जैन) के अध्यक्ष घोषित किए हैं। अन्य जिलों पर बड़े नेताओं के दबाव और राजनीतिक समीकरणों के कारण घोषणा रुकी हुई है। केंद्रीय नेतृत्व पुनर्विचार कर रहा है, जिससे सूची में देरी हो रही है।
