मकर संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही मलमास या खरमास समाप्त हो गया। अब विवाह के साथ ही ग्रह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। यह वर्ष इस लिहाज से उत्तम रहेगा कि गुरु ग्रह वृषभ राशि में रहेंगे और 12 फरवरी तक सूर्य मकर राशि में। इससे नवम पंचम योग बनेगा।
