मंत्रालय में जो पद पदोन्नति के लिए सुरक्षित हैं, उन्हें सीधी भर्ती से भरा जाना प्रस्तावित किया जा रहा है। यही कारण है कि कर्मचारी अपने हितों के लिए लामबंद हो रहे हैं। चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी, जिसकी शुरुआत गेट मीटिंग से हो गई है।
