नए सिम कार्ड प्राप्त करने या पोर्ट करने वाले कस्टमर्स से डबल थंब स्कैन, आई ब्लिंक और ई-केवाइसी के जरिए अतिरिक्त सिम चालू करते थे। इसके जरिये मिले सिम को आरोपी फर्जीवाड़ा करने वालों को बेच देते थे। पुलिस ने अब तक इस तरह के केस में 98 लोगों को गिरफ्तार किया है।
