रायपुर-विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे के तहत केशकाल घाटी में 2.8 किमी की टनल बननी है। इसका काम 22 जनवरी 2024 में शुरू हुआ था। दैनिक भास्कर में इसकी पहली तस्वीर भी सामने आई है। काम पूरा होने की डेडलाइन जनवरी 2026 की है, लेकिन डेडलाइन से 1 साल और की देरी होने के पूरा अनुमान है। यानी सड़क मार्ग से बस्तर और दक्षिण भारत जाने वाले लोगों को और 2 साल केशकाल घाटी के संघर्ष भरे रास्ते से गुजरना होगा। निर्माण शुरू होने के ठीक 1 साल बाद भास्कर टीम कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंची। मौके पर बड़ी-बड़ी मशीनों से टनल का निर्माण चल रहा है। केएमवी कंपनी के इंजीनियर्स ने बताया किया टनल के लिए रोजाना 10 मीटर तक केशकाल पहाड़ काटा जा रहा है। तय समय पर काम होना क्यों मुश्किल, जानिए- केएमवी के सीनियर मैनेजर जी. कार्तिकेय ने भी बताया कि, सभी सेफ्टी मेजर्स को ध्यान में रखते हुए पूरी क्षमता के साथ काम जारी है। टनल कम्प्लीट होने में डेढ़-2 साल का वक्त लग सकता है। कंस्ट्रक्शन साइट की तस्वीरें- अब तक 950 मीटर तक पहाड़ काटा गया, जानिए कुछ और तथ्य- 1910 में बनी थी रोड, रोजाना गुजरते हैं 17 हजार वाहन अंग्रेजों के शासन-काल में 1910 में केशकाल घाट पर पक्की सड़क का निर्माण करवाया गया था। यह सड़क 114 साल पुरानी है। यह बस्तर की लाइफ-लाइन है, जो बस्तर और दक्षिण भारत से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली अकेली सड़क है। इसे दक्षिण भारत का प्रवेश द्वार भी कहते हैं। केशकाल से रोजाना भारी, हल्के वाहन मिलाकर 17 हजार गाड़ियां गुजरती है।
