बिहार में चुनाव से सात महीने पहले नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल विस्तार किया। इसमें भाजपा कोटे के 7 विधायकों को शामिल किया गया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सभी को मंत्री पद की शपथ दिलाई। विस्तार में जातीय समीकरणों का ध्यान रखा गया, जिसमें पिछड़े, अति पिछड़े और सवर्ण समाज के विधायक शामिल हैं।
