इंदौर शहर में परिवहन की सुगमता को देखते हुए बीआरटीएस प्रोजेक्ट लाया गया था, लेकिन यह शुरू से विवादों में रहा। आम जनता के साथ ही जनप्रतिनिधियों में भी इसको लेकर एक राय नहीं थी। भोपाल में बीआरटीएस हटाने का फैसला होने के बाद इंदौर में भी ऐसा होना तय माना जा रहा था।
