इंडियन स्कॉलर गायत्री चक्रवर्ती को होलबर्ग पुरस्कार:कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पहली अश्वेत प्रोफेसर, पद्म भूषण से सम्मानित; जानें कंप्लीट प्रोफाइल

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इंडियन स्कॉलर और साहित्यकार गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक को होलबर्ग पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें तुलनात्मक साहित्य, अनुवाद, पोस्‍टकॉलोनियल स्‍टडीज, राजनीतिक दर्शन और नारीवादी सिद्धांत में उनके शोध और योगदान के लिए मिला है। गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक एक मशहूर इंडियन स्कॉलर, लिटररी थियोरिस्ट यानी साहित्यिक सिद्धांतकार और फेमिनिस्ट थिंकर हैं। उन्होंने 10 से अधिक किताबें लिखी हैं और कई अन्य किताबों को एडिट या ट्रांसलेट किया है। उनके रिसर्च का 20 से ज्यादा भाषाओं में अनुवाद किया गया है और उन्होंने 50 से अधिक देशों में लेक्चर दिया है। गायत्री चक्रवर्ती स्पिवाक की लिखी 10 किताबें: वहीं, उन्होंने जर्मन दार्शनिक जैक्स डेरीडा (Jacques Derrida) की किताब ‘Of Grammatology’ का इंग्लिश में ट्रांसलेशन किया, जिससे वे अकादमिक जगत में चर्चा में आईं। पद्म भूषण से सम्मानित हो चुकी हैं गायत्री चक्रवर्ती ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेस में मिलता है होलबर्ग प्राइज होलबर्ग पुरस्कार एक अंतरराष्ट्रीय सम्मान है, जो ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेस, लॉ और थियोलॉजी के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले स्कॉलर्स को दिया जाता है। नॉर्वे की संसद ने साल 2003 में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। दार्शनिक और इतिहासकार लुडविग होलबर्ग के नाम पर पुरस्कार इस पुरस्कार का नाम लुडविग होलबर्ग (Ludvig Holberg) के नाम पर रखा गया है, जो एक प्रसिद्ध नॉर्वेजियन-डेनिश दार्शनिक, इतिहासकार और लेखक थे। होलबर्ग पुरस्कार विजेता को 6.5 मिलियन नॉर्वेजियन क्रोनर (लगभग 6 करोड़ भारतीय रुपए) की राशि प्रदान की जाती है। ये खबर भी पढ़ें… 9 महीने बाद धरती पर लौटेंगी सुनीता विलियम्स: अमेरिकन नेवी में हेलिकॉप्‍टर पायलट बनीं, 2008 में पद्म भूषण से सम्‍मानित; जानें कंप्‍लीट प्रोफाइल भारतीय मूल की अमेरिकन एस्ट्रोनॉट सुनीता विलिम्स बुधवार, 19 मार्च को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से धरती पर वापसी करेंगी। दरअसल, इलॉन मस्क की कंपनी SpaceX का स्पेसक्राफ्ट ड्रैगन करीब 28 घंटे बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंच गया है। पढ़ें पूरी खबर…

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