हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वयं को देश का प्रधानसेवक मानते हैं। जनता के दिलों में विक्रमादित्य सहजता से उपलब्ध हैं। उनके सुशासन के किस्से कोर्स में शामिल हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने 20 साल पहले विक्रमादित्य शोध पीठ स्थापित की है, जो विक्रमादित्य के जीवन मूल्यों पर आधारित अच्छी पुस्तकें और तथ्य सामने लाती है।
