इस समझौते से भारत को पाकिस्तान के सभी 93000 से अधिक युद्धबंदी छोड़ने पड़े और युद्ध में जीती गई 5600 वर्ग मील जमीन भी लौटानी पड़ी थी। वहीं इसके बदले भारत को क्या मिला यह कोई नहीं जानता। समझौते के बाद भारत हर वक्त जोर देता रहा कि पाकिस्तान इस समझौते की शर्तों का पालन करे लेकिन पाक ने इसको हमेशा नजरअंदाज किया।
